मंदिर से इस अनोखे गिद्ध को बचाया गया, पुजारी ने लगाई थी मदद की गुहार

दिल्ली में पटपड़गंज के मंदिर में बुधवार को एक अनोखा दर्शनार्थी आया। एक बड़ा सा सफेद इजीप्शियन गिद्ध। दिल्ली के आसमान में पिछले कई सालों के दौरान ये कभी-कभार ही देखा गया है। पटपड़गंज में एक हनुमान मंदिर के पुजारी भारती बाबा ने सबसे पहले इसे देखा।
यह इजीप्शियन गिद्ध भारत समेत एशिया, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में पाया रहता है और इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) की लुप्तप्राय प्रजाति की सूची में शामिल है। आईयूसीएन के मुताबिक दुनिया में 12,000 से 38,000 इजीप्शियन गिद्ध हैं। भारत में इस पक्षी की कभी आधिकारिक रूप से गिनती नहीं की गई है। मंदिर से इस अनोखे गिद्ध को बचाया गया, पुजारी ने लगाई थी मदद की गुहार
‘वाइल्डलाइफ एसओएस’ एनजीओ देश के कई भागों में जानवरों और पक्षियों के बचाव में संबंधित अधिकारियों की मदद करती है। वाइल्डलाइफ एसओएस के मुताबिक मंदिर में पहुंचा यह गिद्ध घायल था। पुजारी ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और पुलिस ने इस एनजीओ से संपर्क साधा। यह दूसरा इजीप्शियन गिद्ध है जिसे इस साल इस एनजीओ ने बचाया है। इससे पहले अप्रैल में मयूर विहार की एक रियाइशी कॉलोनी में एक ऐसे ही गिद्ध को बचाया गया था।

एनजीओ की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘असामान्य सा दिखने वाला यह पक्षी तकलीफ में था और उड़ने के लिए संघर्ष कर रहा था। पक्षी की पहचान इजीप्शियन गिद्ध के तौर पर की गई जिसके दाहिनें पंख में चोट थी और उसे इलाज की जरूरत थी। उसे ले जाने की समुचित व्यवस्था करने के बाद उपचार के लिए ले जाया गया। फिलहाल उसका इलाज हो रहा है और निगरानी में है। पूरी तरह से स्वस्थ हो जाने के बाद उस उसके रहने की प्राकृतिक जगह पर छोड़ दिया जाएगा।’

यमुना जैव विविधता पार्क के पास दिखा यह गिद्ध

इजीप्शियन गिद्ध 2007 से आईयूसीएन की लुप्तप्राय सूची में शामिल है। वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण के अनुसार, इन गिद्धों की जनसंख्या खतरे में है। इसके कई कारण हैं जिनमें शिकार और निवास के प्राकृतिक स्थान की कमी, उपचार की दवाओं का जहरीला असर और बिजली के तारों की चपेट में आ जाना शामिल है।

सत्यनारायण ने बताया, ‘यह प्रजाति दिल्ली में शायद ही कभी दिखती है, लेकिन इसे हाल के वर्षों में यमुना जैव विविधता पार्क और ओखला पक्षी अभयारण्य के नजदीक देखा गया है। यह दूसरा इजीप्शियन गिद्ध है जिसे हमने इस साल बचाया है।’

इजीप्शियन गिद्ध को सफेद गिद्ध या फिरौन का चिकन भी कहा जाता है और यह गिद्धों की प्रजातियों में सबसे छोटा होता है।

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संरक्षणवादी टी के रॉय के मुताबिक, ‘इजीप्शिय गिद्ध कई सालों के सन्नाटे के बाद धीरे-धीरे दिल्ली लौट रहे हैं। रॉय ने कहा, ‘दिल्ली में इन पक्षियों की संख्या बढ़ रही है, भले ही ये रफ्तार बहुत धीमी है। पिछले साल जनवरी में यमुना के नजदीक हमने ऐसे आठ से नौ गिद्धों को देखा था।’
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