दिन पर दिन प्याज ने निकाले आंसू जानिए…आपके शहर का क्या रेट

दिसंबर की सर्दी में भी प्याज (Onion) के बढ़ते दाम ने देश भर में लोगों के आंसू निकाल दिए हैं. इससे जहां घर के किचन का बजट बिगड़ गया है वहीं खाने का स्वाद भी कम हो गया है. प्याज को लेकर सड़क से लेकर संसद तक हंगामा बरपा हुआ है. माना जा रहा है आने वाले दिनों में आम उपभोक्ता के लिए प्याज की कीमतें (Onion Price in India) 130 रुपये से 140 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है. कारोबारियों का कहना है कि देशभर की मंडियों में अभी तक प्याज की आवक नहीं बढ़ी है. स्टॉक आने में देरी की वजह से सप्लाई घट गई है,

इसीलिए प्याज की कीमतों में तेजी आई है. पिछले कुछ हफ्तों में देश के ज्यादातर बड़े शहरों में प्याज की कीमत 40 फीसदी तक बढ़ गई है. जानते हैं किस शहर में क्या रेट बिक रहा है प्याज…
दिल्ली में प्याज के दाम
– मंडी में बुधवार को प्याज के दाम- 70 से 90 रूपये प्रति किलो
– रिटेल मार्केट में प्याज के दाम 90-110 रूपये प्रति किलो
पिछले हफ्ते के दाम
– मंडी में 70-80 रूपये प्रति किलो
– रिटेल में 80-100 रूपये प्रति किलो
– मुंबई में बुधवार को प्याज के दाम 110-120 रुपए प्रति किलो
– थोक मंडी में 90-100 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है
पिछले हफ्ते
– रिटेल में 90-100 रुपये प्रति किलो
– थोक मंडी में 80-85 रुपये प्रति किलो
पटना में प्याज के दाम
– थोक मंडी में बुधवार को 65-70 रुपये किलो
– खुदरा मंडी में 70-75 रुपये किलो
10 दिन पहले
– थोक मंडी में 80 रुपये किलो
– खुदरा मंडी में 80-95 रुपये किलो
(आज से 10 रुपये तक प्याज के दाम गिर सकते हैं)
चंडीगढ़ में प्याज के दाम
चंडीगढ़ में होलसेल में प्याज 50 से 90 रुपये प्रति किलो क्वालिटी के हिसाब से बिक रहा है. अफगानिस्तान और महाराष्ट्र के नासिक से आने वाला बढ़िया प्याज तो चंडीगढ़ और पंजाब की मंडियों में 90 रुपये प्रति किलो थोक में बिक रहा है. खुले बाजार की बात की जाए तो छोटी दुकान और रेहड़ियों पर प्याज 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. जबकि अफगानिस्तान और नासिक से आने वाला बढ़िया प्याज कोई खुदरा में खरीदना चाहेगा तो उसे 120 रुपये प्रति किलो तक देना होगा.
जनवरी तक ऐसे ही रहेंगे दाम
दुकानदारों का कहना है कि 15 जनवरी, 2020 तक दाम ऐसे ही रहेंगे. प्याज खरीदने आई एक महिला का कहना है कि खपत में कटौती ही उपाय है. वहीं, प्याज की आसमान छूती कीमतों की वजह से पकौड़े बेचने वालों की परेशानी बढ़ गई है. दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने प्याज के पकौड़े या तो बनाने कम कर दिए हैं या फिर दाम बढ़ा दिए गये हैं. लोगों का भी कहना है कि प्याज के पकौड़े महंगे होने की वजह से उन्होंने फिलहाल इसे खाना कम कर दिया है.
क्यों बढ़ रहे हैं प्याज के दाम
दरअसल इस बार प्याज की महंगाई की वजह साल 2018 में पड़ा सूखा भी है. महाराष्ट्र में साल में दो बार प्याज की बुआई होती है, पहले अगस्त फिर अक्टूबर-नवंबर में इसकी बुआई की जाती है. अगस्त वाला प्याज नवंबर-दिसंबर में तैयार होता है, जबकि नवंबर वाला मार्च-अप्रैल तक आता है. पिछले साल सूखे के चलते किसानों के पास पानी की कमी थी और रेट भी कम मिल रहा था जिसके चलते प्याज की बुआई भी कम हुई





