जानें कितनी सच होती हैं WWE में की गई फाइट, इस वीडियो ने कर दिया बड़ा खुलासा…

दुनिया भर में WWE की रेसलिंग के करोड़ों दीवाने हैं. भारत में इसकी दीवानगी सिर चढ़कर बोलती है. WWE के रिंग में होने वाली टेक्निक और स्टाइल से भरपूर रेसलिंग लोगों को आकर्षित करती है. लेकिन क्या ये फाइट रियल होती हैं? क्या लड़ने वाले पहलवानों को सच में चोट लगती है? क्या खून सच में गिरता है? क्या WWE की फाइट की कहानी पहले ही लिख दी जाती है? यह सवाल हमेशा रेसलिंग देखने वालों के दिमाग में रहता है. आज हम बता रहे हैं WWE से जुड़े इन सभी सवालों के बारे में…

एंटरटेनमेंट, फाइट, रोमांस, ट्रेजडी और पैसे के जबरदस्त कॉम्बिनेशन वाले WWE की फाइट एक स्क्रिप्ट के आधार पर लड़ी जाती है. किसी फिल्म की तरह ही WWE रेसलिंग के लिए भी स्क्रिप्ट लिखी जाती है. इसमें 99 फीसदी फाइट की कहानी पहले ही तय हो जाती है. यह तय हो जाता है कि कौन सा रेसलर हारेगा और कौन जीतेगा.
अब सवाल उठता है कि रेसलर्स स्क्रिप्ट के अनुसार कैसे खेल लेते हैं. क्या उनसे गलती नहीं होती, तो इसका जवाब है यह कि रेसलर्स काफी प्रोफेशनल होते हैं, साथ ही उनके पास गलती करने का मौका नहीं होता है. उन्हें फाइट की ट्रेनिंग मिली होती है. बकायदा वो रेसलिंग स्कूल से इसके लिए ट्रेंड होकर आते हैं. ट्रेनिंग के दौरान उन्हें फाइट की चालाकियों के बारे में बताया जाता है, जिससे फाइट बिल्कुल रियल लगे और रोमांच बना रहे.
दरअसल, WWE ब्रांड एक स्पोर्ट्स एंटरटेंमेंट है, न ही प्रो-रेसलिंग. यही कारण है कि 1990 के दौर में कम टैक्स चुकाना पड़े, इसलिए विंस मैकमोहन ने सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार किया था कि WWE (जिसे WWF भी कहा जाता है) एक वास्तविक खेल यानी रियल गेम नहीं है. यह केवल मनोरंजन का एक रूप मात्र है.
क्या सच में गिरता है खून?
WWE का खेल पहले से स्क्रिप्टेड होता जरूर है लेकिन कई बार पहलवानों को सच में चोट लग जाती है. साथ ही रेसलिंग के दौरान उनके शरीर या चेहरे से निकलने वाला खून भी रियल होता है. हालांकि, मुंह से खून निकालने के लिए वो ब्लड कैप्सुल्स का इस्तेमाल करते हैं. इसे वो मुंह में ही रखते हैं और स्क्रिप्ट के अनुसार तय समय पर उनके मुंह से खून गिरने लगता है. इन सब बातों के बावजूद कई बार पहलवानों को गंभीर चोट भी लगी है. जैसे कुछ साल पहले WWE सुपरस्टार जॉनसीना को गंभीर चोट लग गई थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था.





