जयपुर मेट्रो फेज-2 को मिली रफ्तार, 41 किलोमीटर लंबी नई मेट्रो लाइन से बदलेगा ट्रांसपोर्ट सिस्टम

जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को केंद्रीय मंजूरी मिलने के बाद राजस्थान सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। करीब 13,500 करोड़ रुपए की इस परियोजना के लिए एडीबी 6565 करोड़ रुपए का ऋण देगा। 41 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो कॉरिडोर में 36 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे जयपुर के ट्रैफिक दबाव को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को लेकर राजस्थान सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) राजस्थान को करीब 6565 करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध कराएगा। हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

ऋण प्रक्रिया और परियोजना पर हुई अहम बैठक
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एडीबी अधिकारियों के साथ बैठक कर ऋण प्रक्रिया, परियोजना की प्रगति और विभिन्न पैकेजों पर चर्चा की। जयपुर मेट्रो फेज-2 की कुल अनुमानित लागत करीब 13,500 करोड़ रुपए बताई जा रही है। परियोजना के सात प्रमुख पैकेज तैयार किए गए हैं, जिनमें सिविल कार्यों की बिडिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं सिग्नलिंग, रोलिंग स्टॉक, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, ट्रैक और कूलिंग सिस्टम से जुड़े अन्य पैकेजों पर भी जल्द काम शुरू होने की संभावना है।

41 किलोमीटर लंबा होगा नया मेट्रो कॉरिडोर
जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत करीब 41 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह मेट्रो लाइन प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक चलेगी और शहर के उत्तर व दक्षिण हिस्सों को जोड़ेगी। परियोजना में कुल 36 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें एयरपोर्ट, एसएमएस अस्पताल, सीतापुरा, वीकेआई और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख इलाके शामिल होंगे। इससे जयपुर में ट्रैफिक दबाव कम होने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली दौरे में हुई कई अहम बैठकें
मुख्य सचिव ने नई दिल्ली दौरे के दौरान केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अधिकारियों के साथ आठ अहम बैठकों में हिस्सा लिया। इन बैठकों में राजस्थान की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

अन्य विकास परियोजनाओं को भी मिल सकती है वित्तीय सहायता
एडीबी के साथ हुई चर्चा में राज्य की अन्य विकास परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय सहायता पर विचार किया गया। इनमें राजस्थान शहरी लिवेबिलिटी परियोजना के लिए 10,959 करोड़ रुपए, वन विभाग की पृथ्वी परियोजना के लिए 1140 करोड़ रुपए तथा जल संसाधन विभाग की योजनाओं के लिए 3707 करोड़ रुपए की संभावित ऋण सहायता शामिल है। बताया जा रहा है कि इन परियोजनाओं की समीक्षा के लिए एडीबी की टीम जल्द राजस्थान का दौरा करेगी।

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