चीनी मिल हादसे में घायल एक और कर्मी की मौत, मृतकों की संख्‍या हुई नौ

गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले के सासामुसा चीनी मिल हादसे में घायल एक और कर्मी की गुरुवार की शाम इलाज के दौरान गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। जिससे इस हादसे में मारे गए कर्मियों की संख्या नौ तक पहुंच गई।चीनी मिल हादसे में घायल एक और कर्मी की मौत, मृतकों की संख्‍या हुई नौ

बीते 20 दिसंबर को सासामुसा चीनी मिल के ब्यॉलिंग हाउस का स्टीम पाइप  फटने से छह कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई थी तथा छह  कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायल कर्मियों में कुछ का पीएमसीएच तथा कुछ का गोरखपुर में इलाज चल रहा है। लेकिन घायल कर्मियों को प्रशासन तथा मिल प्रबंधन से कोई मदद नहीं मिलने से इनके परिजन इलाज के लिए आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

मंगलवार की सुबह घायल खजुरी गांव निवासी पारस गिरी की मौत हो गई थी। इसके अगले दिन बुधवार की देर शाम सासामुसा मिल हादसे में घायल बाजार सिरसिया गांव निवासी रवींद्र साह की मौत इलाज के दौरान गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हो गई थी।

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इस बीच गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ही भर्ती हादसे में घायल कर्मी कुचायकोट गांव निवासी हस्मुद्दीन मियां की भी गुरुवार की शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे मिल हादसे में मरने वालों की संख्या नौ तक पहुंच गई है। हादसे में घायल एक और कर्मी की अभी भी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल कर्मी चंद्रदेव कुशवाहा सिवान के एक अस्पताल में जीवन और मौत से जूझ रहे हैं।

कुचायकोट गांव का माहौल हुआ गमगीन

चीनी मिल हादसे में घायल हस्मुद्दीन मियां की मौत से कुचायकोट गांव का माहौल गमगीन हो गया है। घायल कर्मी की मौत की जानकारी मिलते ही उनके घर में चित्कार मच गया। ग्रामीण तथा नाते रिश्तेदार मृतक के घर पहुंच कर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि सासामुसा चीनी मिली में इस परिवार की दूसरी पीढ़ी काम करती थी। हादसे के शिकार बने हस्मुद्दीन मियां के पिता ईश मोहम्मद मिल के स्थापना काल 1932 से ही इस मिल में काम करते थे। इनके सेवानिवृत्त होने के बाद उनकी जगह हस्मुद्दीन मिल में नौकरी करने लगे।

बीते 20 दिसंबर को यह उसी ब्यॉलिंग हाउस में काम करते थे जिसका स्टीम पाइप फटने से छह कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हादसे में हस्मुद्दीन मियां भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इनका इलाज मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा था। जहां इलाज के दौरान ही इनकी गुरुवार की शाम मौत हो गई। मृतक के चार बेटे तथा दो बेटियां हैं। हस्मुद्दीन ही इस परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। इनकी मौत से इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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