गर्मियों में एसी चलाकर सोते हैं तो हो जाएं सावधान

ग्लोबल वॉर्मिंग से इन्वाइरनमेंट को बचाने के लिए सरकार हर बार कई नए नियम निकालती रहती है। आपको बता दे कि एक बार फिर सरकार ने एक नया और अहम फैसला लिया है, जिसके बाद हर कोई अपनी धरती के लिए नहीं तो अपने घर का बजट ना बिगड़े इसके लिए सोचेगा। अगर आपको घर में दो एसी है, तो ये खबर आपके लिए जरूरी है। आपको बता दे कि अब घर में दो एसी और कई गैजट चलाने से बिजली का बिल सालाना 10 हजार रूपए तक बढ़ सकता है। माना जा रहा है कि ये पिछले साल के मुकाबले 12 फीसदी ज्यादा होगा, जो मौजूदा महंगाई दर का डबल है।

आपको बता दे कि ‘जिन घरों में 2 एसी रोजाना 9 घंटे चलते हों, वहां महीने में लगभग 800 यूनिट बिजली की खपत होती है। देखा जाए तो ऐसे उपभोक्ता 8 रूपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली का बिल देता है। जिसके बाद महिने का बिजली बिल लगभग 6,500 रूपए होता है।
माना जा रहा है कि अगर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के लिए पावर इनपुट कॉस्ट में 70 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई, तो एसे में उपभोक्ताओं को 7,300 रुपये महीना बिजली बिल देना होगा। देखा जाए तो पावर कंजंप्शन का बिल स्लैब के आधार पर आता है। बिजली की खपत जितनी ज्यादा होगी, हर यूनिट के लिए रेट उतने ही ज्यादा होंगे। बिजली की खपत जैसे ही 200 यूनिट को पार करती है, ज्यादातर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियां ज्यादा चार्ज वसूलने लगती हैं और यह बिजली खपत का रेट हर अतिरिक्त 100 यूनिट पर बढ़ता जाता है। इसके अतिरिक्त सरकारी ड्यूटी और सरचार्ज इस बिल में जोड़े जाते हैं, जो पावर और ट्रांसमिशन कॉस्ट का कुछ प्रतिशत होते हैं।
इस साल के शुरू से तीन वजहों से बिजली उत्पादन की लागत में बढ़ोतरी हुई है। इनमें क्लीन एनर्जी सेस डबल किया जाना, कोल इंडिया द्वारा कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी किया जाना और रेलवे फ्रेट में बढ़ोतरी शामिल हैं। इसके अलावा, ट्रांसमिशन चार्ज में भी बढ़ोतरी हुई है।
आपको बता दे कि क्लीन एनर्जी सेस और कोयले की कीमतों में बढ़ोतरी से बिजली उत्पादन की लागत 32 पैसे प्रति यूनिट बढ़ी है। रेलवे फ्रेट में बढ़ोतरी इसकी कॉस्ट 9 पैसे प्रति यूनिट बढ़ेगी। इसके अलावा दिसंबर से अब तक ट्रांसमिशन चार्ज में 31 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है और ट्रांसमिशन नुकसान के कारण अतिरिक्त 5 पैसे प्रति यूनिट का खर्च बढ़ा है। साथ ही, सरकारी ड्यूटी और सरचार्जेज का भी मामला है। कुल मिलाकर 70 पैसे प्रति यूनिट का मामला बनता है।
तो अब अगर आप धड़ल्ले से अपने घरों में एसी का प्रयोग करते है, तो अब आपको थोड़ा सावधान होने की जरूरत हैं।





