गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने पर योगी सरकार का फैसला आज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को इसके लिए प्रदेश कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। इसमें कई अन्य प्रस्तावों पर भी विचार हो सकता है।राज्य को आरक्षण का लाभ देने के लिए आय सीमा व शर्तें तय करने का अधिकार है।
कैबिनेट ही तय करेगी कि प्रदेश में इस लाभ के लिए आय सीमा क्या रखी जाए। कैबिनेट यह भी तय करेगी कि यह आदेश प्रदेश में किस तिथि से लागू हो?गुजरात सरकार सबसे पहले 14 जनवरी से ही इस फैसले को लागू करने का एलान कर चुकी है। ऐसे में इस बात पर लोगों की नजर है कि प्रदेश सरकार कितनी आय सीमा रखने जा रही है और यह व्यवस्था किस तिथि से लागू होगी?
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव के पहले सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का संवैधानिक प्रावधान किया है। राज्य सरकार जल्द से जल्द इसका लाभ प्रदेश के सामान्य वर्ग के गरीबों को दिलाना चाहती है।
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शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने अभी तक 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की गाइडलाइन जारी नहीं की है। इससे आरक्षण के लाभ के लिए आय सीमा क्या होगी, इस पर सस्पेंस बना हुआ है। आरक्षण के लाभ के लिए आठ लाख रुपये आय सीमा रखने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर सवाल उठाए जा रहे हैं। तर्क दिया जा रहा है कि इससे वास्तविक गरीबों को आरक्षण का लाभ मिलना मुश्किल हो जाएगा।
समाज कल्याण विभाग ने सरकारी नौकरियों व सभी तरह की शिक्षण संस्थाओं (अल्पसंख्यक छोड़कर) में प्रवेश में गरीबों को आरक्षण देने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसकी मंजूरी मिलने के साथ ही नई नौकरियों व नए सत्र में प्रवेश में इसका फायदा मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।

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