गरीबों को आरक्षण देने वाला पहला राज्य बना गुजरात, शिक्षण संस्थानो और नौकरियों के लिए होगा लागू

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर तबके को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने संबंधी विशेष प्रावधान को मंजूरी दे दी गयी है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा बिल को मंजूरी देने के बाद गरीबों को आरक्षण देने वाला गुजरात पहला राज्य बन गया है। अब यहां आर्थिक आधार पर सवर्ण गरीबों को आरक्षण दिया जाएगा। यह आरक्षण शिक्षण संस्थानों और नौकरियों के लिए लागू होगा। जिससे गरीब वर्ग को बहुत राहत मिलेगी।
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संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम के जरिए संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन किया गया है। इसके जरिए एक प्रावधान भी जोड़ा गया है। जो राज्य को नागरिकों के आर्थिक रूप से कमजोर किसी तबके की तरक्की के लिए विशेष प्रावधान करने की अनुमति देता है। यह प्रावधान निजी शैक्षणिक संस्थानों सहित शिक्षण संस्थानों, चाहे सरकार द्वारा सहायता प्राप्त हो अन्यथा न हो, उनके दाखिले से जुड़ा हुआ है।

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