खुबसूरत दिखने के चक्कर में महिलाएं न करें ये काम…

नई दिल्ली : लड़कियां हो या महिलाएं खूबसूरत दिखाना हर कोई चाहता है. खूबसूरत और फिट दिखने के लिए न जानें क्या क्या पैतरे आजमाती हैं कभी घंटों जिम में वर्कआउट तो कभी पार्लर में खुद को खुबसूरत दिखाने के लिए ब्यूटी टिप्स का अपनाती हैं. वर्किंग वुमन ज्यादातर अपने लुक्स से ज्यादा फिगर पर ध्यान देती है उन्हें ऐसा लगता है कि अगर वह मोटी दिखेंगी तो उसका सीधा असर उनकी खूबसूरती पर पड़ेगा.यही वजह हैं कि आज के समय में वर्किंग मॉम अपने बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग नहीं कराती हैंखुबसूरत दिखने के चक्कर में महिलाएं न करें ये काम...

उन्हें ऐसा लगता है कि स्तनपान कराने से उनका फिगर का शेप खराब हो जाएगा. वह अपने फिगर को लेकर इतनी चिंतित होती हैं कि स्तनपान कराने के फायदे तक भूल जाती हैं. उन्हें यह तक ध्यान नहीं रहता की स्तनपान कराने से  बच्चा सभी बीमारियों से दूर रहता है.

स्तनपान मां और बच्चे के बीच एक कनेक्शन पैदा करता है. ये कनेक्शन मां और बच्चे को एक-दूसरे से जोड़े रखता हैं लेकिन कुछ मां ऐसी होती हैं, जो अपनी खूबसूरती को ज्यादा तवज्जो देती है उन्हें लगता है कि सिर्फ स्तनपान करने से ही उनका फिगर खराब हो जाता है. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है इसके अलावा भी कई वजहें हैं जिनकी वजह से महिलाओं का फिगर बेडौल हो जाता है.

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बच्चे को फॉर्मूल फीडिंग कराने से महिलाओं के स्तनों में कोई प्रभाव नहीं पड़ता हैं.

महिलओं के स्तनपान कराने से उनके स्तन की त्वचा और भी सेहतमंद होती है.

स्तनपान की बजाय महिला की प्रेगनेंसी भी स्तनों पर असर डालती है. प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में बदलाव आता है, जिससे स्तनों का आकार बदलने लग जाता है.

प्रेगनेंसी के समय वजन बढ़ता है तो छाती के आसपास के लिगामेंट में थोड़ा खिंचाव आता है और यही स्तनों को ढीला बनाता है.

गर्भधारण, धूम्रपान जैसी आदत, शरीर की चर्बी और आपकी गतिविधि का स्तर भी स्तनों के आकार पर असर डालती है.

ब्रेस्टफीडिंग से ब्रेस्ट कैंसर और रजोनिवृत्ति से पहले डिम्बग्रंथि के कैंसर का खतरा भी कम होता है.

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