क्या करियर में आ रही है रुकावट? चातुर्मास में घर के मुख्य द्वार पर करें ये काम

धार्मिक मान्यता के अनुसार, चातुर्मास की अवधि के दौरान 4 महीने के लिए भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं। इस दौरान शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते। चातुर्मास (Chaturmas 2026) में सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक माह पड़ते हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, चातुर्मास के दौरान घर के मुख्य द्वार पर वास्तु से जुड़े विशेष काम करने से घर में सुख-शांति का आगमन होता है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। अगर आप भी जीवन में सुख-शांति चाहते हैं, तो चातुर्मास में इस आर्टिकल में बताए गए विशेष कामों को जरूर करें। ऐसा माना जाता है कि वास्तु की इन नीतियों का पालन करने से घर में बुरी शक्तियों का प्रवेश नहीं होता।

  1. आम या अशोक के पत्तों का तोरण- हिंदू धर्म में घर के मुख्य द्वार पर तोरण लगाने का अधिक महत्व है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है और बुरी शक्तियों की समस्या से छुटकारा मिलता है। इसलिए चातुर्मास में अपने घर के मुख्य द्वार पर तोरण जरूर लगाएं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से जीवन में शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं।
  2. रोली या हल्दी का स्वास्तिक- इसके अलावा घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाना अधिक लाभकारी माना जाता है। स्वास्तिक को रोली या हल्दी से बनाना चाहिए। अगर आप भी घर में सुख-शांति का आगमन चाहते हैं, तो चातुर्मास के दौरान घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक जरूर बनाएं। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से घर में सुख-शांति और सौभाग्य का आगमन होता है और गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे करियर में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही धन में वृद्धि होती है।
  3. घोड़े की नाल- अगर आपको या फिर घर में किसी सदस्य को बार-बार नजर लगती है, तो चातुर्मास के दौरान घर के मुख्य द्वार पर ‘U’ आकार में काले घोड़े की नाल जरूर लगाएं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस काम को करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है और घर लोगों को बुरी नजर नहीं लगती।
  4. शाम को दीपक जलाएं- हिंदू धर्म में शाम समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाने का अधिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि रोजाना शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है और दरिद्रता नहीं आती। साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच सुख-शांति बनी रहती है।
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