क्या आप जानते हैं धोनी-कोहली जैसे बड़े क्रिकेटर्स के ‘खेलगुरु’ हैं ये…
स्पोर्ट्स डेस्क. धोनी से लेकर विराट तक स्टार बन चुके इंडियन क्रिकेटर्स की लाइफ में उनके असली टीचर रहे हैं उनके पहले कोच। इन्हीं खेल गुरुओं की वजह से आज भारतीय क्रिकेट के ये सितारे पूरी दुनिया में चमक रहे हैं। हाल ही में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने भी अपने बचपन के कोच रमाकांत आचरेकर के प्रति सम्मान प्रकट किया है। सचिन ने ट्विटर पर वीडियो पोस्ट कर उस वाकये को याद किया, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। आज टीचर्स डे के मौके पर हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही स्टार क्रिकेटर्स और उनके पहले कोच के बारे में।

स्कूल कोच और धोनी की स्पोर्ट्स जर्नी…
– 1987 में रांची के जवाहर विद्या मंदिर स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर के रूप में केशव राजन बनर्जी जुड़े। केशव बनर्जी को धोनी का पहला गुरू कहा जाता है। वे 6-12 क्लास तक के बच्चों को फुटबॉल, बास्केटबॉल और क्रिकेट की कोचिंग देते थे। वैसे, केशव मुख्य रूप से फुटबॉल के ही कोच थे। यहां धोनी पढ़ाई करने के लिए आए और बस यहीं से शुरू हुई धोनी की स्पोर्ट्स जर्नी।
5-6 घंटे करते थे अभ्यास
– कहते हैं कि पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं। कुछ ऐसा ही महेंद्र सिंह धोनी के साथ हुआ। बचपन में अच्छी फिजिक और तेज होने के कारण वह केशव राजन के पसंदीदा छात्रों में से एक थे। केशव राजन ने धोनी को फुटबाल में गोलकीपर की भूमिका दी। इसमें काफी चुस्ती-फुर्ती की जरूरत होती है। अच्छी फिजिक वाले धोनी को खेलना पहले से पसंद था, इसलिए वह 5-6 घंटे रोजाना मेकोन ग्राउंड पर अभ्यास करते थे।
ये भी पढ़ें:- विराट कोहली ने बहुत कम समय में छू लिया सचिन का ये बड़ा रिकॉर्ड!
बैडमिंटन और फुटबॉल है पहली पसंद
केशव के अनुसार, धोनी की पहली पसंद क्रिकेट नहीं, बल्कि फुटबॉल और बैडमिंटन है। वह बचपन में इन्हीं दो खेलों में जिया करते थे। हालांकि, यह अलग बात है कि धोनी ने फुटबॉल और बैडमिंटन नहीं, क्रिकेट में करियर बनाया। इसके बाद धोनी को चंचल भट्टाचार्य ने कोचिंग दी।





