कोहली ने आखिर क्यों कहा, सचिन जैसा नहीं खेल पाउंगा

भारतीय टीम के कप्तान कोहली ने अपने करियर का 27वां शतक जमाते हुए भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ पुणे में खेले गए पहले वनडे मैच में ‘विराट’ जीत दिलवाई।
अपनी इस शतकीय पारी के दौरान विराट ने सचिन तेंडुलकर का लक्ष्य का पीछा करते हुए लगाए गए 17 शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी की तो वही लक्ष्य का पीछा करने के दौरान लगाए गए सफलतम शतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ डाला।
जिसके बाद से ही खेल जगत के गलियारों में विराट कोहली और ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंडुलकर में तुलना पहले से और तेज हो चुकी है।
इस मैच के बाद बीसीसीआई टीवी से बात करते हुए कोहली ने कहा कि सचिन तेंडुलकर से मेरी तुलना करना कतई उचित नहीं। सचिन ने 24 साल क्रिकेट को दिया। देश के लिए 200 टेस्ट मैच खेले, 100 इंटरनेशनल शतक बनाए। ये वाकई अद्भुत नंबर्स है।
कोहली ने आगे बात करते हुए कहा कि,’ सचिन ने इतने भारतीय क्रिकेट की सेवा की। शायद मैंं उनके जितना लंबा नहीं खेल सकूं। लेकिन मैं चाहता हूं कि जितने भी साल क्रिकेट खेलूं, एक बेहतर और यादगार मोड़ पर इस खेल को अलविदा करूं।
अपनी शानदार फॉर्म और कम समय में पाई सफलता के बारे में विराट ने कहा कि ये सब इसलिए मुमकिन हो पाया क्योंकि मेरी जिंदगी में बहुत कम लोगों से ही मेरा करीबी जुड़ाव रहा है। भावनाएं और लोगों से मधुर संबंध आपका ध्यान भटकाती है। जिसके बाद आपके लिए लक्ष्य को साध पाना काफी मुश्किल होता है।’





