कोरोना काल में अहम भूमिका निभा रहा कोषागार विभाग, समय से पहुंच रहा खातों में पैसा

सीतापुर। यूं तो लाॅकडाउन से लेकर अनलाॅक शुरु होने तक पुलिस कर्मियों, मेडिकल स्टाफ व सफाई कर्मियों की चहुंओर प्रशंसा हो रही है। इन सबके बीच कुछ विभाग ऐसे भी हैं, जो सामने आकर मदद तो नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों का सही ढ़ंग से पालन कर कोरोना की लड़ाई में अहम योगदान दे रहे हैं। हम बात कर रहे हैं जिले के कोषागार विभाग की। विभाग द्वारा जिले के हजारों पेंशनधारियों और वेतन कर्मियों को समय से भुगतान कर उन्हें कोरोना से लड़ने के लिए आर्थिक रुप से मजबूत बना रहा है।

मुख्यालय स्थित कोषागार विभाग पर भी बड़ी जिम्मेदारियां हैं। रिटायर होने वाले कर्मचारियों की पेंशन व अन्य भत्तों के भुगतान की प्रक्रिया शुरु करने के साथ ही हजारों की संख्या में हर माह पेंशन और वेतनधारियों को समय से भुगतान करने का जिम्मा इसी विभाग पर है। वर्तमान समय में कोषागार से करीब 15,200 पेंशनधारियों को भुगतान हो रहा है। साथ ही जिले के सौ से अधिक आहरण-वितरण अधिकारियों द्वारा हर माह बिल प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनका भी भुगतान हो रहा है। तमाम चुनौतियों के बावजूद विभाग की वरिष्ठ कोषाधिकारी जान्हवी मोहन व उनके समस्त कर्मचारी सभी का भुगतान हर माह की एक तारीख को ही कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में पेंशनधारियों का सत्यापन भी निरंतर कराया जा रहा है।

डिजिटल इंडिया की मुहिम पर हो रहा काम

पेंशनधारियों द्वारा समय-समय पर जीवित प्रमाण पत्र कोषागार में प्रस्तुत किया जाता है, ताकि उन्हें पेंशन भुगतान करने में दिक्कत न हो। कार्यालय में लोगों की भीड़ न जमा न हो, इसके लिए यहां की कोषाधिकारी जान्हवी मोहन द्वारा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराने की अपील भी की जा रही है। इसके लिए जीवन प्रमाणन वेबसाइट पर प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है। कोषाधिकारी ने बताया कि भुगतान में देरी न हो इसके लिए समय से संबंधित विभागों से संपर्क कर बिल मंगवाए जा रहे हैं। प्रयास किया जा रहा है कि वेतन या पेंशन भुगतान में देरी होने से किसी को कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े।

बुजुर्गों का रखा जा रहा विशेष ध्यान

कोषाधिकारी जान्हवी मोहन बुजुर्गों का विशेष तौर पर ध्यान रख रही है। यहां आने वाले बुजुर्गों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसके लिए व्हील चेयर उपलब्ध कराई गई है। साथ ही जिन बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, उनका सत्यापन घर भेजकर भी कराया जा रहा है। इसके अलावा वाॅट्सएप पर भी सत्यापन करने की प्रक्रिया चल रही है। इसका सबसे ज्यादा प्रयोग लाॅकडाउन के दौरान किया गया था, जब लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी।

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