कश्मीर को यूं ही नहीं कहा जाता धरती का स्वर्ग…

जम्मू कश्मीर भारत का सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल है। 26 साल से चल रहे आतंकवाद के बावजूद कश्मीर अभी भी घूमने वालों के लिए मनपसंद जगह बना हुआ है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती है। आइए जानते हैं कश्मीर के खूबसूरत जगहों के बारे में…कश्मीर को यूं ही नहीं कहा जाता धरती का स्वर्ग

श्रीनगर
जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर है। श्रीनगर मुगल काल से ही गरमी के लिहाज से सबसे अच्छी जगह मानी जाती रही है। कई मुगल बादशाहों ने इस श्रीनगर में कई बागों का निर्माण करवाया। इन बागों में सबसे प्रसिद्ध है निशात बाग।

वहीं श्रीनगर की खूबसूरती में चार चांद लगाती ‘डल झील’ की अपनी अलग ही बात है। घरनुमा वोट (हाउसवोट) से भरी ‘डल’ झील की अपनी अलग खूबसूरती है। ‘डल’ सुबह देखने में और भी खूबसूरत लगती है। श्रीनगर के चिनार के पेड़ और कश्मीरी शाल और लालचौक विश्वप्रसिद्ध हैं।

सोनमर्ग
समुद्र सतह से 2740 मीटर की ऊँचाई पर स्थित सोनमर्ग जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। बर्फ से आच्छादित पहाड़ों से घिरा हुआ सोनमर्ग शहर जोजी-ला दर्रे से पहले स्थित है। सोनमर्ग का शाब्दिक अर्थ है “सोने के मैदान”। इस स्थान का नाम इस तथ्य के आधार पर पड़ा कि वसंत ऋतु में यह सुंदर फूलों से ढंक जाता है जो सुनहरा दिखता है। सोनमर्ग श्रीनगर-लेह मार्ग से 87 किमी नार्थ-ईस्ट में स्थित है। सोनमर्ग भारत और चीन को जोड़ने का सिल्क रुट का मुख्यद्वार है।

पहलगांव-
पहलगांव कश्मीर के सबसे ख़ूबसूरत हिल स्टेशनों में एक है। समुद्र तल से 2130 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पहलगाम लिद्दर नदी और शेषनाग झील के मुहाने पर बसा है। मुगलों के शासनकाल के दौरान, ये केवल चरवाहों का गाँव था। हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए पहलगाम पहला पड़ाव है।

यहां के बर्फ से ढके पहाड़ो में ट्रैकिंग करने का अनोखा मजा है। दुनिया भर के ट्रैकिंग शौकीन पर्यटक गर्मियों मस्ती करने आते है। हार्स राइडिंग, पहलगाम का दूसरा एडवेंचर गेम है लोगों आपस में शर्त लगाकर घोडों की दौड़ का मजा लेते हैं। यहाँ लिद्दर नदी के दूसरी तरफ ममलेश्वर नामक शिव का एक छोटा मंदिर है। इस मंदिर का संबंध 12 शताब्दी के राजा जयसीमा के काल से है। यह मंदिर कश्मीर के सबसे प्राचीन मंदिरों में एक है।

कारगिल-
कारगिल में 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई हुई थी। वैसे यह स्थान मुख्य से बौद्ध पर्यटन केंद्र के रुप में प्रसिद्ध है। यहां बौद्धों के कई प्रसिद्ध मठ स्थित है। मठों के अतिरिक्त यहां कई अन्य चीजें भी घूमने लायक है।

यहां की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ट्रैकिंग का शौक रखने वालों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। अगर आप कारगिल आ रहे है तो वार मेमोरिअल ज़रूर देखें।

द्रास-
द्रास को लद्दाख का गेटवे माना जाता है। यह भारत के सबसे ठंडे शहरों में से एक है। कई स्रोतों के अनुसार साइबेरिया के बाद यह दुनिया का दूसरा सबसे सर्द मानवीय सुबह मानी जाती है। कारगिल युद्ध के बाद इस स्थान का अपना ही महत्व है। कारगिल से करीबन 62 किलोमीटर की दूरी पर स्थित, यह जगह जहाँ 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई हुई थी। द्रास में सुरु वैली में ट्रेक्किंग कर सकते हैं जो शहर के पास ही है। इसके साथ ही पर्यटक अमरनाथ गुफा वाला ट्रेक रुट ले सकते हैं। द्रास जाने पर पर्यटक द्रास वार मेमोरिअल ज़रूर देखें जिसको उन सिपाहियों को श्रद्धांजलि देने के लिए स्थापित किया गया था, जिन्होंने कारगिल की लड़ाई में अपनी जान दी।

लेह-
लेह नगर, पूर्वी जम्मू-कश्मीर राज्य के उत्तरी भारत में स्थित एक जिला मुख्यलाय है। लेह को अपने आकार के का्रम ‘दुनिया की छत’ भी कहा जाता है। यह नगर 3,520 मीटर की ऊँचाई तक उठे अत्तुंग पर्वतीय क्षेत्र पर स्थित है,

इसके चारों ओर इससे अधिक ऊँचे पर्वतों का घेरा है। लेह स्थायी आबादी वाले दुनिया के सबसे ऊँचे नगरों में से एक है। लेह भारत के सबसे ठंड़े शहरों में से एक है।

लेह में पर्वत और नदियों के अलावा भी कई ऐतिहासिक इमारतें मौजूद हैं। यहाँ बड़ी संख्या में ख़ूबसूरत बौद्ध मठ हैं जिनमें बहुत से बौद्ध भिक्षु रहते हैं। लेह में लद्दाखी संस्कृति और परंपरा से जुड़ी कई चीज़ें ख़रीदी जा सकती हैं। लेह में मिलने वाले सामानों में पशमीना शॉल सबसे अधिक लोकप्रिय है। यह शॉल बेहद गर्म और नर्म होती है।

जांस्कर-
जांस्कर लद्दाख के सब-जिले कारगिल का एक सूदूर स्थान है। सर्दियों यह जगह भारत के अन्य भागों से बिलकुल कट जाता है। सर्दियों में जास्कर जाने का एक मात्र रास्ता जमी हुई नदी पर पैदल चलकर पार करना होता है। एडवेंचर के लिए अच्छी जगह मानी जाती है। इस कस्बे कुल आबादी 700 के आसपास है।

पैंगांग झील-
भारत-चीन सीमा पर स्थित इस झील की अपनी एक खूबसूरतू है। इस झील को हिंदी फिल्म 3 इडियट् के बाद सबसे ज्यादा प्रसिद्धि मिली है। इसके बाद से यहां पर पर्यटकों की संख्या अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। इस झील को लद्दाखी भाषा में सो-को झील कहा जाता है। इस झील का क्षेत्रफल भी कम नहीं है बल्कि यह एक समुद्र के समान है, जिसकी लंबाई 150 किमी के लगभग है। हालांकि आधिकारिक रिकॉर्ड में यही लंबाई दर्ज है।

जम्मू-
जम्मू शहर जम्मू कश्मीर राज्य की शीतकालीन राजधानी है। इस शहर को मंदिरों के शहर नाम से भी जाना जाता है। जम्मू शहर में एक बढ़कर एक प्रसिद्ध मंदिर हैं। इस शहर की स्थापना 8 वीं सदी में राजा लोचन ने की थी। जम्मू में और जम्मू से जुड़े हुए विश्वप्रसिद्ध तीर्थ स्थल में वैष्णों देवी धाम, बहु फोर्ट, अमर महल शामिल हैं। जम्मू में डोगरा राजवंश के महल और संग्रहालय देखने लायक है।

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