कश्मीर को तालिबान बना रहे हैं आतंकी, दो युवकों को उतारा क्रूरता से मौत के घाट…

घाटी में आतंकियों ने अपनी रणनीति में बदलाव कर खौफ बरकरार रखने के लिए स्थानीय लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। 24 घंटे के भीतर शोपियां जिले में सात युवाओं का अपहरण कर दो को बेरहमी से मौत के घाट उतार चुके हैं, जबकि पांच को रिहा कर दिया है।

पुलिस के अनुसार आतंकी घाटी में दशहत बरकरार रखने के लिए पहली बार युवाओं के साथ ऐसी बर्बरता से पेश आ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो आतंकी बौखलाहट में अब अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों की राह पर निकल पड़े हैं। आतंकियों के खात्मे के साथ लोगों की सुरक्षा सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बन गई है। गौरतलब है कि आतंकी इससे पहले भी कई युवाओं को मुखबिरी के संदेह में अगवा कर उनकी हत्या कर चुके हैं। लेकिन अलकायदा की तर्ज पर हत्याओं के तरीके में बदलाव और बाद में वीडियो शेयर कर लोगों में खौफ बरकरार रखना चाहते हैं।
आतंकियों पर उलटा पड़ रहा उनका दांव
घाटी में दहशत का माहौल पैदा करने के लिए आतंकियों का यह नया प्लान उन पर ही उलटा पड़ रहा है। अब पीड़ित परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय ग्रामीण उनके विरोध में उतर आएं हैं। घाटी में अब दबी आवाज आतंकियों का विरोध होना शुरू हो गया।
घाटी में दहशत का माहौल पैदा करने के लिए आतंकियों का यह नया प्लान उन पर ही उलटा पड़ रहा है। अब पीड़ित परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय ग्रामीण उनके विरोध में उतर आएं हैं। घाटी में अब दबी आवाज आतंकियों का विरोध होना शुरू हो गया।
अलगाववादियों ने साधी चुप्पी
घाटी के युवाओं के साथ घट रही ऐसी निंदनीय घटनाओं के बाद अलगाववादी नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। इस कारण लोगों में रोष है।
घाटी के युवाओं के साथ घट रही ऐसी निंदनीय घटनाओं के बाद अलगाववादी नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। इस कारण लोगों में रोष है।
हिज्ब ने ली जिम्मेदारी
हिजबुल मुजाहिदीन ने वारदातों की जिम्मेदारी ली है। सूत्रों की मानें तो इन घटनाओं के पीछे ज्यादातर स्थानीय आतंकी ही शामिल हैं। इनकी मुखबिरी के बाद ही अपहरण किए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों के मुताबिक यह काम हिजबुल मुजाहिदीन का है।
हिजबुल मुजाहिदीन ने वारदातों की जिम्मेदारी ली है। सूत्रों की मानें तो इन घटनाओं के पीछे ज्यादातर स्थानीय आतंकी ही शामिल हैं। इनकी मुखबिरी के बाद ही अपहरण किए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों के मुताबिक यह काम हिजबुल मुजाहिदीन का है।





