एएमयू को मिलता है करोड़ों का अनुदान, इसलिए वह अल्पसंख्यक संस्थान नहीं : योगी

अलीगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अलीगढ़ में ब्रज क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एएमयू अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है। इसलिए एएमयू में भी दलितों और पिछड़ों को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
एएमयू में दलितों और पिछड़ों के आरक्षण को लेकर तीनों ही दल कोई आवाज नहीं उठाते
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एएमयू को केंद्र से करोड़ों का अनुदान मिलता है, इसलिए वह अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है। इस दौरान उन्होंने सपा—बसपा और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एएमयू में दलितों और पिछड़ों के आरक्षण को लेकर तीनों ही दल कोई आवाज नहीं उठाते। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं सपा,बसपा और कांग्रेस से पूछता हूं कि हर संस्थान में जहां आरक्षण मिलता है। वहीं मुस्लिम विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति-जनजाति आरक्षण क्यों नहीं मिलता है? ये सब आपको जाति और मजहब के आधार पर जरूर बांटने के लिए आएंगे, लेकिन जब आपके हक की बात होगी तो वो कुछ नहीं करेंगे।
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बीजेपी सरकार से पहले पश्चिमी यूपी में हर एक दिन के बाद  होता था दंगा 
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार से पहले पश्चिमी यूपी में हर एक दिन के बाद दंगा होता था, लेकिन अब क्यों नहीं होता है? अब वो गुंडे जो पहले दंगा करते थे अब अपना काम करते हैं। ठेला या दुकान लगाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिए बीजेपी सरकार ने जाति और धर्म नहीं देखा है। सामान रूप से सभी के विकास के लिए काम किया गया।
बीजेपी में ही ऐसा हो सकता है कि एक सामान्य कार्यकर्ता बन सकता है प्रधानमंत्री  
भारत को अगर शक्तिशाली बनाना है तो सभी भारतवासियों को एक बार फिर से नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाना होगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी में ही ऐसा हो सकता है कि एक सामान्य कार्यकर्ता प्रधानमंत्री तक बन सकता है। क्या ऐसा कांग्रेस में हो सकता है? क्‍या ऐसा सपा या बसपा में हो सकता है? गौरतलब है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अलीगढ़ और बुलंदशहर में बूथ अध्यक्षों को गठबंधन की चुनौती से निपटने का मन्त्र देंगे।

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