आरटीओ कार्यालय में अचानक सचिव ने मारा छापा, कार्मिकों में मच गया हड़कंप, दलाल हुए नौ-दो-ग्यारह

सुबह करीब सवा दस बजे आरटीओ कार्यालय में कामकाज शुरू ही हो रहा था कि अचानक परिवहन सचिव शैलेश बगोली ने छापा मार दिया। सूचना मिलते ही कार्मिकों में हड़कंप मच गया और कार्यालय परिसर में पूरा दिन मंडराने वाले दलाल भाग खड़े हुए। लगभग दो घंटे तक परिवहन सचिव ने कार्यालय के एक-एक कोने का निरीक्षण किया व गंदगी पर सख्त नाराजगी जताई। गैर-हाजिर मिले एक लेखाकार और एक बाबू का एक दिन का वेतन काटने व विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया एवं लेटलतीफ कर्मियों को ऐसी हरकतों से बाज आने की हिदायत दी। यही नहीं, सचिव ने कर्मचारियों की समस्या व मांगें भी सुनी और निदान का भरोसा भी दिया।

पूरा दिन अंदर से बाहर तक दलालों से गुलजार रहने वाले आरटीओ दफ्तर का जो नजारा गुरूवार सुबह देखने को मिला, वह अलग ही था। हालांकि, कंप्यूटराइजेशन के बाद व हाल ही में लाइसेंस सेक्शन झाझरा शिफ्ट होने के बाद दलाल प्रवृत्ति पर काफी हद तक लगाम लगी है, लेकिन अन्य कार्यों में इनका दखल बदस्तूर जारी है। शिकायतें परिवहन मुख्यालय से लेकर शासन तक भी गईं और आखिरकार परिवहन सचिव शैलेश बगोली को आरटीओ कार्यालय में निरीक्षण को आना पड़ा। गुरूवार सुबह आरटीओ के अधिकारियों व कर्मचारियों को अनुमान ही नहीं था कि परिवहन सचिव अचानक सवा दस बजे कार्यालय पहुंच जाएंगे।

सचिव की गाड़ी जैसे ही कार्यालय परिसर में आई तभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कार्यालय के अंदर व परिसर में टहल रहे दलाल चंद सेकंड में भाग खड़े हुए एवं कार्यालय परिसर खाली हो गया। सुबह का समय होने की कारण वहां काम कराने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक नहीं थी और लर्निंग लाइसेंस की ई-लॉबी भी खाली थी।

परिवहन सचिव ने लर्निंग लाइसेंस सेक्शन से लेकर हर काउंटर का निरीक्षण किया एवं इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर बताया कि इस साल उनके संवर्ग में किसी की डीपीसी नहीं हुई है। सचिव ने तत्काल शासन और परिवहन मुख्यालय में डीपीसी तैयार कराने की बात कही। करीब दो घंटे बाद परिवहन सचिव के जाने पर स्थिति फिर आम दिनों जैसी हो गई।

जगह-जगह पीक देख चढ़ा पारा

कार्यालय में जगह-जगह दीवारों व कोनों पर पान व गुटके की पीक देखकर परिवहन सचिव का पारा चढ़ गया। हालात यह रही कि आरटीओ कक्ष से कुछ दूरी पर ही पान के पीक और गंदगी का आलम था। सचिव ने कहा कि गंदगी बर्दाश्त नहीं होगी। इसके साथ ही कार्यालय के लिए एक सफाईकर्मी और नियुक्त करने के आदेश दिए।

आम नागरिक बन टैक्स की लाइन में खड़े हुए सचिव

निरीक्षण के करीब एक घंटे के बाद टैक्स काउंटर पर जब भीड़ लगने लगी तो सचिव शैलेश बगोली ने बाकी अधिकारियों को दूर कर दिया और आम नागरिक बन टैक्स की लाइन में लग गए। इस दौरान लोगों ने वह कार्यालय में पेश आ रही दिक्कतों के बारे में बातचीत करने लगे। लोगों से सवाल पूछे कि कितनी देर में नंबर आता है और कितने दिन से आ रहे।

दो कार्मिकों पर कार्रवाई के आदेश

परिवहन सचिव ने कार्मिकों का उपस्थिति रजिस्टर जांच कर उनका भौतिक सत्यापन भी किया। इस दौरान एक लेखाकार धर्मेंद्र रावत और लिपिक यशबीर सिंह बिष्ट वहां अनुपस्थित मिले। धर्मेंद्र रावत से जब फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह विकासनगर डयूटी पर हैं, जबकि जांच हुई तो पता चला कि उनकी डयूटी बुधवार को विकासनगर होती है, गुरूवार को नहीं। इस पर सचिव का पारा चढ़ गया। आरटीओ को दोनों गैर-मौजूद कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने व विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।

चूहें कुतर रहे थे वाहनों की फाइलें

कार्यालय परिसर में वाहनों की फाइलों की दुर्दशा पर परिवहन सचिव का पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि जब कंप्यूटराइजेशन हो चुका है तो इन फाइलों को क्यों संभाला जा रहा। एआरटीओ अरविंद पांडे ने बताया कि फाइलें पुराने निजी व सभी व्यावसायिक वाहनों की हैं। जिन्हें अनिवार्य रखना पड़ता है। स्थिति ये थी कि निचले तल पर फाइलें चूहें कुतर रहे थे। पहली मंजिल पर गैलरी में भी फाइलों व कंप्यूटर के ढेर बिखरे हुए थे। परिवहन सचिव ने फाइलों के रखरखाव के लिए अलग से भवन बनाने का प्रस्ताव बनाने को कहा। उन्होंने कार्यालय परिसर में जब्त किए गए पुराने वाहनों की दुर्दशा पर भी नाराजगी जताई व उन्हें तत्काल नीलाम करने को कहा।

कार्यालय रखरखाव को मिलेगा बजट

आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई ने बताया कि कार्यालय भवन वर्ष 2003 में बनाया गया था लेकिन इसके रखरखाव का कोई बजट नहीं मिल रहा। बीते 16 साल में कार्मिकों ने अपने सहयोग से भवन में रंगाई व पुताई का काम कराया। सचिव ने भवन रखरखाव का प्रस्ताव बना मुख्यालय भेजने को कहा। सचिव ने पार्किंग व्यवस्था भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।

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