आईआईटी स्टूडेंट्स के तनाव के 3 कारण, अब मिलेगी इसके लिए हेल्पलाइन की सुविधा

  • पटना.आईआईटी में छात्रों के लिए परीक्षा, शैक्षिक समस्याएं व भोजन मानसिक तनाव के तीन बड़े कारण हैं। स्टूडेंट्स को मानसिक तनाव से बाहर निकालने के लिए अब सभी आईआईटी में मल्टी मॉडल असेसमेंट, हर साल ओरिएंटेशन समेत 24 घंटे हेल्पलाइन की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। आईआईटी काउंसिल की 51वीं बैठक में यह फैसला हुआ।

    आईआईटी स्टूडेंट्स के तनाव के 3 कारण, अब मिलेगी इसके लिए हेल्पलाइन की सुविधा

    बैठक पिछले दिनों आईआईटी बॉम्बे में हुई, जिसपर आईआईटी विद्यार्थियों के मानसिक तनाव पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. पार्थ चक्रवर्ती ने छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ाने वाले फैक्टर्स पर प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि एकेडमिक, एस्पिरेशन, सोशल व लाइफस्टाइल पर अध्ययन के बाद यह सामने आया कि विद्यार्थी सबसे ज्यादा मानसिक तनाव में इन्हीं तीन चीजों से रहते हैं। दोस्त व सामाजिक सपोर्ट उन्हें इस तनाव को कम करने में मदद करता है। इस प्रेजेंटेशन पर सभी आईआईटी के निदेशकों ने चर्चा की। इसके बाद आईआईटी कैंपसों को तनावमुक्त करने के लिए काउंसिलिंग सेंटर खोलने पर जोर दिया गया। इसके अलावा और भी कई चीजें आईआईटी में लागू की जाएंगी।
     
    9 चीजें लागू करेंगे सभी आईआईटी
    देशभर के सभी 23 आईआईटी स्टूडेंट्स के मेंटल स्ट्रेस को कम करने के लिए नौ चीजें लागू करेंगे। काउंसिल की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। इसमें मल्टी मॉडल असेसमेंट, वाइडर मेंटल हेल्थ प्रोग्राम असेसमेंट, छात्रों के लिए हेल्प मैनुअल बनाया जाएगा। अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम व क्विक रिस्पांस टीम भी बनाई जाएगी, ताकि छात्रों को तत्काल मदद मिल सके। हर स्तर पर व प्रत्येक साल छात्रों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम होगा। इसमें स्ट्रेंथ बेस्ड, पर्सनालिटी बेस्ड एलुमिनी व कैंपस कम्युनिटी का इन्वॉल्वमेंट रहेगा।

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    स्वस्थ वातावरण में होगी पढ़ाई
    बैठक में जो सबसे बड़ा फैसला लिया गया है वह है कि आईआईटी की क्लास, पाठ्यक्रम व होस्टल में स्वस्थ वातावरण तैयार किया जाएगा। ताकि विद्यार्थी इससे मानसिक तनाव में न आएं। स्ट्रांग कम्युनिटी बेस्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर को डेवलप किया जाएगा। इंफॉर्मेशन सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा। भोजन की क्वालिटी में सुधार किया जाएगा। उसे हाइजेनिक बनाने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही रिक्रिएशन सिस्टम में भी सुधार होगा। इस पूरे मसले को लेकर आईआईटी ने एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ, फैकल्टी व अभिभावकों को जागरूक करने का फैसला किया है। ताकि आईआईटी कैंपसों में पढ़ाई का बेहतर व तनावमुक्त माहौल बनाया जा सके।
     
    बैठक में और भी कई निर्णय लिए गए
    आईआईटी काउंसिल की इस 51वीं बैठक में और भी कई निर्णय लिए गए हैं। इसमें पिछले बैठकों में लिए गए निर्णय व उसके एक्शन पर भी चर्चा की गई। काउंसिल में कई नए सदस्यों को भी जोड़ा गया।
     
     
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