अब जड़ी बूटी घर की सजावट और सेहत दोनों को संवारने में आएगी काम, पढ़िए पूरी खबर

अब जड़ी बूटी घर की सजावट और घर वालों की सेहत दोनों को संवारने में काम आएगी। जड़ी बूटी शोध संस्थान ने अनूठा प्रयोग करते हुए ऑर्नामेंटल गार्डन बनाया है। जो घर की फुलवारी, टेरेस गार्डन की तरह तैयार किया जा सकता है।

जड़ी बूटी शोध संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर धारणा रहती है कि जड़ी बूटी के पौधे रंग बिरंगे और आकर्षक नहीं होते हैं। ये सिर्फ जंगलों में ही उगते हैं। इस धारणा की वजह से लोग घरों की बगिया/फुलवारी में जड़ी बूटी नहीं रोपते हैं। वहीं जंगलों से भी इनका सिर्फ दोहन ही होता है। नतीजा, जड़ी बूटी की कई प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर पहुंच गई हैं।

इस धारणा को बदलने और जड़ी बूटी को घर-घर तक पहुंचाने के लिए ऑर्नामेंटल हर्बल गार्डन तैयार किया गया है। इस गार्डन में ऐसी जड़ी बूटी चयनित की गई हैं, जिनमें साल भर तक रंग बिरंगे फूल होते हैं और देखभाल में ज्यादा मेहनत नहीं करनी होती है। इस तरह जड़ी बूटी घर की सजावट संवारने के साथ घर वालों की सेहत बनाने में भी मददगार होंगी। संस्थान ने प्रयोग के तौर पर चमोली के गोपेश्वर में ऑर्नामेंटल हर्बल गार्डन बनाया है। वहीं धनौल्टी में भी तैयार कर रहे हैं। पिथौरागढ़ में भी तैयार किया जाएगा। इन गार्डन के जरिये जनता को घरों में जड़ी बूटी की फुलवारी बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

फूल वाली जड़ी बूटियां और बीमारी में फायदेमंद

  • जड़ी बूटी – बीमारी
  • रोजमेरी – हाइपरटेंशन
  • इकाईनेशिया – संक्रामक बीमारी
  • तिलपुष्पी – हृदय रोग
  • तुलसी – खांसी, बुखार
  • ऐचिलिया –  कीट निवारक
  • कैमोमाइल – वजन घटाने
  • लैवेंडर –  अरोमा और दिमागी बीमारी
  • सालबिया – जख्म भरने, सर्दी खांसी

गार्डन के ये हैं फायदे

  • जनता में जड़ी बूटी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी
  • जड़ी बूटी का संरक्षण व संवर्द्धन होगा
  • जड़ी बूटी के नित्य सेवन से बीमारियों में फायदा मिलेगा
  • जैव विविधता संरक्षण में भी मदद मिलेगी

बोले अधिकारी

डॉ. चंद्रशेखर सनवाल (निदेशक जड़ी बूटी शोध संस्थान, देहरादून) का कहना है कि र्नामेंटल हर्बल गार्डन कॉन्सेप्ट का उद्देश्य जनता का जड़ी बूटी से जुड़ाव करना है। साथ ही ये बताना है कि जड़ी बूटी दिखने में आकर्षक होती है ताकि इसको घर में लगाया जा सके।

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