अब केंद्र सरकार की है खाद्य व आवश्यक वस्तुओं के घटते-बढ़ते दामों पर सीधे नजर..

केंद्र सरकार देश के हर हिस्से में स्थानीय स्तर पर गेहूं, चावल, दाल, आलू और प्याज समेत जरूरी 22 खाद्य व आवश्यक वस्तुओं के घटते-बढ़ते दामों पर सीधे नजर रखे हुए है। आम आदमी की जरूरत से जुड़ी इन वस्तुओं के थोक और फुटकर दामों के नियंत्रण को उत्तराखंड में थर्ड पार्टी सत्यापन होगा। इसके लिए स्टेट प्राइस मॉनीटरिंग सेल को निर्देश दिए गए हैं।

केंद्र की मोदी सरकार राज्यों खासतौर पर भाजपा शासित राज्यों में खाद्य वस्तुओं के मूल्य नियंत्रण को लेकर खासी चौकन्नी है। दरअसल महंगाई को लेकर विपक्ष केंद्र और राज्यों की भाजपा सरकार पर निशाना साधता रहा है। इस वजह से केंद्र सरकार हर स्तर पर सावधानी बरत रही है। राज्यों में प्राइस मॉनीटङ्क्षरग सेल अब सिर्फ खाद्य व व आवश्यक वस्तुओं के थोक और फुटकर कीमतों को भेजकर काम नहीं चला सकेंगे। इन कीमतों को थर्ड पार्टी से सत्यापन अनिवार्य किया गया है।

प्रभारी खाद्य सचिव सुशील कुमार ने बताया कि सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों के लिए चार केंद्र देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और रुद्रपुर कार्यरत हैं। इन केंद्रों से वस्तुओं की थोक और फुटकर कीमतें एकत्र कर हर रोज केंद्र सरकार को भेजी जा रही हैं। अभी तक ये कीमत सिर्फ थोक व फुटकर विक्रेताओं से एकत्र की जा रही हैं। अब इन कीमतों का थर्ड पार्टी सत्यापन मंडी समिति या अन्य व्यापारिक व निजी संस्थाओं से भी कराया जाएगा। इसके लिए मंडी समिति को पत्र भेजा गया है। पत्र में हर मंडी समिति के सचिव को आवश्यक वस्तुओं की थोक व फुटकर कीमत सत्यापित करने के निर्देश देने को कहा गया है।

मूल्य नियंत्रण के दायरे में ये हैं प्रमुख वस्तुएं: 

  • गेहूं, आटा, चावल, अरहर, मलका, चना, उड़द, मूंग, मसूर, सरसों का तेल, सन फ्लावर तेल, रिफाइंड, चीनी, गुड़, दूध, चायपत्ती, नमक, आलू, प्याज व टमाटर।

नए उपभोक्ता संरक्षण एक्ट पर स्थिति जल्द होगी साफ 

वहीं राज्य में नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को लेकर जल्द स्थिति साफ होगी। केंद्र सरकार नए अधिनियम को अधिसूचित कर चुकी है। राज्य ने अभी इस नए अधिनियम को लागू नहीं किया है। नए और पुराने अधिनियम को लेकर भ्रम बना हुआ है। इस वजह से उपभोक्ता फोरम में रिक्त हो रहे पदों पर नई भर्ती रुकी हुई है। राज्य सरकार इस मामले में जल्द फैसला लेगी। प्रभारी सचिव खाद्य का कहना है कि इस मामले पर उच्च स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

आम आदमी की जरूरत से जुड़ी वस्तुओं के थोक और फुटकर दामों के नियंत्रण को उत्तराखंड में थर्ड पार्टी सत्यापन होगा। इसके लिए स्टेट प्राइस मॉनीटरिंग सेल को निर्देश दिए गए हैं।

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