अब ऐसे होगा कांग्रेस का बेड़ा पार, सुधर जाएगी पार्टी की हालत…

कांग्रेस की नजर कई तरह के वोटरों पर है लेकिन गहरी निगाह फर्स्ट टाइम वोटर्स यानी नए मतदाताओं पर है। पार्टी को उम्मीद है कि नए युवा वोटर पाले में आ जाए तो राजनीति ही बदल जाय। कांग्रेस की हालत सुधर जाय और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के सपने पुते हो जाय। लेकिन खेल कोई मामूली तो है नहीं। इन्ही नए मतदाताओं पर बीजेपी की भी निगाह है और खासकर रणनीतिक निगाह। कांग्रेस से आगे की निगाह। बीजेपी इस पर पिछले साल भर से काम भी कर रही है। लेकिन कांग्रेस को उम्मीद है कि नई युवा पीढ़ी कांग्रेस के साथ ही आएगी और राष्ट्र का निर्माण करेगी। कांग्रेस ने भी इन मतदाताओं को रिझाने और अपने पाले में लाने की उक्ति निकाल ली है.

कांग्रेस के पक्ष में इन नए मतदाताओं को लामबंद करने के मकसद से पार्टी की युवा इकाई जल्द ही देश भर में ‘युवा संवाद शिविर’ का आयोजन करने जा रही है। भारतीय युवा कांग्रेस इन संवाद शिविरों में नरेंद्र मोदी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने के साथ-साथ, युवाओं के बीच पर्चे भी बांटेगी जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के ‘वादों और वादाखिलाफी’ का बिंदुवार विवरण होगा। आगामी 9 और 10 अक्टूबर को होने जा रही युवा कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक में संगठन के इस प्रस्तावित कदम को अंतिम मुहर लगेगी।

भ्रमित बिहारी सवर्णो का बदला मिजाज, भागते फिर रहे भाजपाई नेता

युवा कांग्रेस के अध्यक्ष केशव चंद यादव ने कहा है कि ‘पिछले चुनाव में फर्स्ट टाइम वोटर ने नरेंद्र मोदी जी के वादों पर विश्वास किया, लेकिन इस सरकार ने पूरी तरह वादाखिलाफी की। युवाओं को शिक्षा और रोजगार देने की बजाय इस सरकार ने उनके बीच घृणा पैदा करने का काम किया। इसे अब युवा महसूस कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले हम, युवाओं को मोदी सरकार की नाकामियों और वादाखिलाफी के बारे में बताना चाहते हैं। खासकर हम फर्स्ट टाइम वोटर को सजग करेंगे कि वे इनके झांसे में नहीं आएं।’

राजनैतिक चक्रव्यूह में फसी राफेल डील, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

यादव ने कहा, ‘हम देश भर में युवा संवाद शिविर लगाएंगे। इसकी शुरुआत इसी महीने हो जाएगी। हमारा यह कार्यक्रम लोकसभा चुनाव तक चलेगा।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के वादों और ‘वादाखिलाफी’ को लेकर हम पर्चे भी तैयार करेंगे जिन्हें देश भर में युवाओं के बीच बांटा जाएगा। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा, ‘इन संवाद शिविरों की शुरूआत उन राज्यों से की जा रही है जहां अगले कुछ दिनों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इसमें बेरोजगारी, राफेल घोटाले, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, बेटियों पर अत्याचार और समाज में फैले वैमनस्य के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।’

Back to top button