अपराधियों को बरी कराने के लिए जब्त हथियार गायब कर देता था इंदरजीत

लुधिआना. पंजाब पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा गिरफ्तार किया गया सीआईए का इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह नशीले पदार्थों के साथ-साथ हथियार बेचने का धंधा भी करता था। इसके लिए वह अपने थाने के मालखाने में ही केस प्राॅपर्टी के रूप में जमा तस्करों और संगीन अपराधियों के हथियार गायब कर देता था और उन्हें आगे बेच देता था। इससे एक तो वह हथियार बेचकर पैसे कमाता। दूसरा उन तस्करों और गैंगस्टर्स को भी कोर्ट से आर्म्स एक्ट के मामलों से बरी करवा लेता, क्योंकि पुलिस जब्त हथियार कोर्ट में पेश नहीं कर पाती थी।

इसके अलावा इंद्रजीत केस में जानबूझ कर कई कमियां छोड़ देता था, जो अपराधियों को कोर्ट से बरी कराने में मददगार साबित होती थी। इसके लिए इंद्रजीत पहले ही उन तस्करों और अपराधियों को कोर्ट से छुड़ाने की योजना के तहत अलग से लाखों रुपए ले लेता था। यह बात पुलिस की जांच में सामने आई है और इन तथ्यों को क्लियर करने के लिए इंद्रजीत से पूछताछ की जा रही है। ये तथ्य सामने आने के बाद पांच जिलों के एसएसपीज को उन थानों के मालखानों की जांच के निर्देश दिए गए हैं, जहां इंद्रजीत सिंह तैनात रहा। इस जांच की देखरेख का जिम्मा एआईजी बलकार सिंह सिद्धू को सौंपा गया है।
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– पकड़े नशे के साथ-साथ हथियार भी बेच देता था
– केस में भी जानबूझकर कई कमियां छोड़ देता था
इन पांच जिलों के थानों में रही तैनाती
इंद्रजीतसिंह अब तक जालंधर देहाती के लगभग सभी थानों, कपूरथला देहाती के ढिल्लवां, सीआईए फगवाड़ा, रावल पिंडी, नवांशहर के मुकंदपुर सदर थाने के अलावा तरनतारन और अमृतसर के सीआईए स्टाफ और अन्य थानों में तैनात रह चुका है। इन पांच जिलों के थानों के मालखानों के रिकाॅर्ड की जांच के लिए पांचों जिलों के एसएसपीज को कहा गया है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इंद्रजीत सिंह जिस थाने में तैनात होता, उस थाने के मालखाने में जमा हथियार एक-एक कर गायब होने लगते। इनमें ज्यादातर वो हथियार होते थे जो गैंगस्टर्स और संगीन अपराधियों आदि से बरामद होने के बाद केस प्राॅपर्टी के रूप में थानों के मालखानों में जमा कराए जाते हैं। इंद्रजीत सिंह जिस थाने में एसएचओ तैनात होता, उस एरिया में पकड़े गए नशे के तस्करों और गैंगस्टर्स आदि से लेनदेन की बात तय कर उन्हें आर्म्स एक्ट के मामलों में कोर्ट से बरी कराने की योजना भी साथ ही बना लेता था, जिसके लिए वो उनसे लाखों रुपए लेता था।





