(नई शायरियाँ) अंतिम सांस तक तेरा रहना भी जरुरी है…

1.जिन्दा रहना है तो साँसे लेना भी जरुरी है,
दर्दे दिल अपने हमदम से कहना भी जरुरी है।
भले ही साथ छोडे दे खुद मेरी भी परछाई
पर अंतिम सांस तक तेरा रहना भी जरुरी है।
2.रूठ कर हम से अब कैसे रह पाओगे
दिल का दर्द भला कैसे कह पाओगे
याद आयेन्गे जब हम चले जायेन्गे
गम जुदाई का हरगिज न सह पाओगे
3.मोहब्बत क्या है यह हमने भी जाना है,
इसके हर स्वरूप को दिल से पहचाना है
इस कदर दर्द मिले है सौगात में की
अब किसी बेवफा को गले न लगाना है।





