सावधान लगातार सेक्स से हो सकती ये बड़ी परेशानी

सिरदर्द की समस्या लोगों में बहुत आम है. अक्सर यह लंबे समय तक स्क्रीन (लैपटॉप या टेलीविजन) के संपर्क में रहने या नींद की कमी के कारण होता है. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे सिरदर्द के बारे में सुना है, जो सेक्स करने के दौरान या उसके बाद होता है? सेक्स से संबंधित सिरदर्द बहुत परेशान करने वाला हो सकता है. इस स्थिति में जब दो लोग आपस में सेक्स करते हैं या करने वाले होते हैं, तो प्रभावित व्यक्ति में यौन गतिविधियों और ऑर्गेज्म (सेक्स के दौरान मिलने वाला चरम सुख) को लेकर एक तरह का डर विकसित होने लगता है. कुछ लोगों में सेक्स उत्तेजना को लेकर कमी भी पाई गई है, लेकिन ज्यादातर मामलों में, यह स्थिति हल्की (गैर-कैंसर और हानिरहित) पाई गई है. सेक्स हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है. कई बार हमें सेक्स के दौरान सिरदर्द होने लगता है, लेकिन इस बीमारी के असल कारण के बारे में हम नहीं जान पाते हैं, या फिर इसे आम सिरदर्द समझने की गलती कर बैठते हैं. इसीलिए आज इस लेख के माध्यम से सेक्स सिरदर्द और इसके विभिन्न प्रकार के बारे में जानकारी दी गई है व साथ ही यह भी जानने में मदद मिलेगी कि इनसे निपटने के लिए क्या किया जा सकता है.

यौन गतिविधि से जुड़े प्राथमिक सिरदर्द:-

प्री-ऑर्गेज्मिक हेडेक : इस तरह का सिरदर्द ऑर्गेज्म से पहले होता है. यह यौन गतिविधि के दौरान शुरू हो सकता है और जैसे यौन उत्तेजना बढ़ती है वैसे सिरदर्द की तीव्रता में भी वृद्धि होने लगती है. इसके लक्षणों में सिर और गर्दन में हल्का दर्द शामिल है, साथ ही गर्दन और/या जबड़े की मांसपेशियों में सिकुड़न भी महसूस हो सकती है. इस प्रकार के सिरदर्द को किसी अन्य विकार या अंतर्निहित स्थिति के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है.

ऑर्गेज्मिक हेडेक : इसमें ऑर्गेज्म के समय अचानक और तेज सिरदर्द होता है. इसे भी अन्य विकार के लिए जिम्मेदार नहीं माना जा सकता है.
 
माध्यमिक सिरदर्द विकार : इस प्रकार का सिरदर्द ‘लो सीएसएफ प्रेशर हेडक’ से जुड़ा होता है. बता दें, ‘लो सीएसएफ प्रेशर हेडक’ एक तरह का सिरदर्द है, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर मौजूद तरल पदार्थ की कमी से होने वाले दबाव के कारण होता है. सीएसएफ का पूरा नाम है ‘सेरेब्रो स्पाइनल फ्लूड’, यह एक थैली में निहित होता है, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के लिए एक कुशन का काम करता है. जब इस थैली में रिसाव से सीएसएफ का दबाव कम होता है, तो ऐसे में मस्तिष्क थोड़ा शिथिल हो सकता है, जिससे आसपास के ऊतक और झिल्ली में खिंचाव आ सकता है. इस स्थिति में तेज सिरदर्द होता है. लो सीएसएफ प्रेशर हेडक एक गंभीर स्थिति हो सकती है, इसलिए जल्द से जल्द एक जांच कराना उचित होता है.

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