श्रीनगर में घाटी के अधिकांश इलाकों से अब दिन की पाबंदियां हटी, दुकानों की बात है तो वे अभी भी है बंद

कश्मीर के हालात में दिन-प्रतिदिन सुधार नजर आ रहा है। घाटी के अधिकांश इलाकों से अब दिन के प्रतिबंधों को हटा दिया गया है। जहां तक दुकानों की बात है तो वे अभी भी बंद है। यात्री वाहन भी सड़कों पर नहीं उतरे हैं। हालांकि फुटपाथ व चौराहों पर रेहड़ी-फहड़ी वाले बैठे नजर आ रहे हैं। लोग भी घर का सामान, फल, सब्जी की खरीददारी कर रहे हैं। सड़कों पर लगाए गए अवरोध, कंटीली तारें हटाई गई हैं परंतु राष्ट्र विरोधी तत्व शांति के इस माहौल में कोई विघ्न न डाले इसके लिए सड़कों व मुख्य चौराहों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ के जवान मुस्तैदी से तैनात हैं।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी यह दावा किया है कि स्थिति में सुधार के मद्देनजर घाटी के 90 प्रतिशत से अधिक इलाकों में दिन के दौरान कोई पाबंदियां नहीं लगाई गई हैं। जहां तक आम लोगों की बात है तो सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। हालांकि घाटी के कुछ जिलों में अंतर-जिला टैक्सी के साथ-साथ ऑटो-रिक्शा भी चल रहे हैं। श्रीनगर के सिविल लाइंस क्षेत्र लाल चौक, टीआरसी चौक, डलगेट सहित अन्य शामिल हैं, में कुछ विक्रेताओं ने स्टॉल लगाए हैं।
वहीं जम्मू-कश्मीर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रोहित कंसल ने भी बीते सोमवार को संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस बात की जानकारी दी थी कि घाटी के अधिकांश क्षेत्रों से बैरिकेड हटा दिए गए हैं, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती फिलहाल रहेगी। जहां तक लैंडलाइन टेलीफोन की बात है तो 76 एक्सचेंज में यह सेवा बहाल कर दी गई है। हालांकि लाल चौक, प्रेस एन्क्लेव के साथ-साथ घाटी के कुछ अन्य क्षेत्रों में यह सेवाएं अभी निलंबित रखी गई है।
कुपवाड़ा और हंदवाड़ा थाना क्षेत्रों को छोड़कर घाटी के अन्य इलाकों में बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड, निजी लीजलाइन सहित मोबाइल सेवा और इंटरनेट सेवा भी अभी बंद रखी गई है। सरकारी कार्यालयों में कामकाज सुचारू रूप से हो रहा है। कर्मचारियों की उपस्थिति भी अच्छी है। 4000 से अधिक प्राथमिक, मध्य और हाई स्कूल कश्मीर में खोल दिए गए हैं और बच्चे भी पढ़ने के लिए पहुंच रहे हैं। शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति में सुधार हुआ है।





