विपक्ष के निशाने पर आए चन्नी का रहा है विवादों से नाता, सिक्का उछालकर कर चुके हैं ट्रांसफर

विपक्ष के निशाने पर आए पंजाब के तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी का विवादों के साथ पुराना नाता रहा है। चन्नी कभी ज्योतिष के मुताबिक सड़क को ‘गुड लक’ करवाने तो कभी अपने विभाग में सिक्का उछालकर ट्रांसफर करने को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके 18 महीनों के कार्यकाल में कई तरह के ऐसे विवाद उठे हैं। अब विपक्ष उन पर महिला आइएएस अधिकारी को विवादित संदेश भेजने का आरोप लगाते हुए घेरा कसने की कोशिश कर रहा है। पूरे मामले में न तो महिला आइएएस अधिकारी और न ही सरकार द्वारा यह खुलासा किया गया है कि यह मैसेज भेजने वाला मंत्री आखिर कौन है।
शिरोमणि अकाल दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल सहित अन्य नेताओं ने चन्नी का नाम लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सुखबीर बादल ने एक अंग्रेजी अखबार का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से चन्नी को मंत्री पद से हटाने की मांग की है। वीरवार को स्त्री अकाली दल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। 200 से अधिक महिलाओं ने मंत्री चन्नी को कैबिनेट से बर्खास्त करने और उसके खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी।
दूसरी ओर, न तो महिला आइएएस अधिकारी सामने आई है और न ही सरकार ने इस बारे में किसी मंत्री का नाम लिया है। हालांकि पूरे मामले को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बयान जारी कर एक तरह से पुष्ट किया है। सीएमओ द्वारा अमरिंदर सिंह के हवाले से जारी बयान में ऐसा मामला होने की पुष्टि की गई है। मुख्यमंत्री विदेश में हैं और माना जा रहा है कि उनके वापस आने पर इस मामले में कोई कदम उठाया जा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बहरहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि पूरा मामला क्या मोड़ लेता है। इसमें किसी मंत्री के नाम का खुलासा होता है या नहीं आैर क्या कार्रवाई हाेती है, इस पर राजनीतिक विश्लेषकों के संग सभी दलों के नेताओं की निगाहें टिक गई हैं।
इस मामले का आगे जो हो, लेकिन विपक्ष के आरोप के बाद चन्नी से जुड़े पिछले मामलों की चर्चाएं होने लगी हैं। ये हैं कुछ मामले जिनकी राज्य में खूब चर्चा रही थी-
1. घर के आगे बनवा दी ‘गुड लक’ सड़क
मंत्री बनने के कुछ ही दिन बाद चन्नी ने एक ज्योतिषी की सलाह पर राजनीतिक लाभ के लिए चंडीगढ़ स्थित अपने आवास का दरवाजा गिरा उसका मुंह पूर्व दिशा की ओर कर लिया था। उन्होंने सेक्टर-2 स्थित अपनी सरकारी आवास के बाहर एक पार्क से गैरकानूनी ढंग से ‘गुड लक’ सड़क तैयार करवा दी थी। हालांकि पता लगने पर कुछ घटे बाद ही चंडीगढ़ प्रसाशन ने सड़क बंद करवा दी थी। सेक्टर 2 में विपक्ष के नेता की 46 नंबर कोठी खाली नहीं करने व बाद में इसे अपने नाम पर अलाट करने को लेकर भी चन्नी चर्चा में आए थे।
2. घर के आंगन में हाथी की सवारी
फिर एक अन्य ज्योतिष की सलाह पर उन्होंने खरड़ (मोहाली) स्थित अपने घर के आंगन में एक हाथी की सवारी की थी। हाथी पर बैठे उन की तस्वीर वायरल भी हुई थी। कई लोगों ने उनकी इस हरकत पर हैरानी जताई थी।
3. सिक्का उछालकर ट्रांसफर
चन्नी एक पॉलिटेक्निक लेक्चरर का ट्रांसफर सिक्का उछालकर करने के मामले में भी सुर्खियों में आए थे। दरअसल, चन्नी ने मेरिट में समान स्थान वाले दो उम्मीदवारों में से एक का चयन करन के लिए सिक्का उछाल कर फैसला किया था। ऐसा करते हुए उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। फजीहत होने पर सरकार को स्पष्टीकरण देना पड़ा था कि चन्नी असल में पारदर्शी रूप से ट्रांसफर करना चाह रहे थे।
4. पीएचडी टेस्ट में फेल
पिछले साल अक्टूबर में चन्नी ने काग्रेस पार्टी पर पीएचडी करने के लिए एडमीशन टेस्ट दिया था पर वह पास नहीं हो पाए थे। बाद में मंत्री जी की इच्छा पूर्ति के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने नियमों में कुछ छूट देकर अनुसूचित जातियों और अनुसूचित कबीलों के विद्यार्थियों के लिए के उत्तीर्ण अंक घटा दिए थे। उन पर आइएएस अफसरों के तबादले की सिफारिश करने का भी आरोप लग चुका है। वह भरी गर्मी में लोई ओढ़ कर भी चर्चा का विषय बन चुके हैं।
5. अपनी ही सरकार को घेरा था
दलितों से जुड़े मुद्दों पर चन्नी अपनी ही सरकार की खुल कर आलोचना करते रहे हैं। पिछले सप्ताह भी कैबिनेट की मीटिंग के दौरान उन्होंने सरकार पर असिस्टेंट एडवोकेट जनरल के चयन में दलितों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था। पिछले ही सप्ताह ही बरगाड़ी मामले पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की थी।
चरनजीत सिंह चन्नी रूपनगर के चमकौर साहब विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह इस क्षेत्र से तीन बार विधायक चुने गए। चन्नी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नजदीकी माना जाता हैं। वह कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में दलित चेहरा हैं। उन्होंने वर्ष 2002 से खरड़ नगर कौंसिल के प्रधान के तौर पर राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वर्ष 2007 में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। वर्ष साल 2016 में उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह की इच्छा नजरअंदाज करते हुए विधानसभा में विरोधी पक्ष का नेता बनाया गया था।





