रोजाना कुछ देर पैदल चलने से सुधरती है अर्थव्यवस्था, जानें कैसे

रोजाना कुछ देर पैदल चलने से आपकी ही नहीं अर्थव्यवस्था की सेहत भी सुधर सकती है। एक लाख से ज्यादा लोगों पर किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, अगर व्यायाम को लेकर लोग विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशानिर्देशों का पालन किया जाए, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को सालाना 100 अरब डॉलर (करीब सात लाख करोड़ रुपए) का फायदा हो सकता है। हेल्थ इंश्योरेंस ग्रुप वाइटेलिटी और थिंक टैंक रैंड यूरोप ने लोगों की गतिविधियों से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का अध्ययन किया।

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इसमें कहा गया कि अगर कंपनियां अपने कर्मचारियों को व्यायाम पर डब्ल्यूएचओ के निर्देश मानने के लिए राजी कर लें, तो अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा पहुंच सकता है। इसके लिए बहुत ज्यादा नहीं बस रोजाना 15 मिनट अतिरिक्त वॉकिंग करना या लगातार एक किलोमीटर तक जॉगिंग कर लेना भी पर्याप्त है। रैंड योरप के प्रेसिडेंट हैंस पंग ने कहा कि आपकी शारीरिक निष्क्रियता और उत्पादकता में कमी के बीच गहरा संबंध है। नीति निर्माताओं और कंपनियों को इस दिशा में विचार करना चाहिए कि कैसे अपने लोगों की उत्पादकता बढ़ाएं।

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डब्ल्यूएचओ ने दिए हैं ये निर्देश

डब्ल्यूएचओ का दिशा-निर्देश है कि सभी वयस्क लोगों को हफ्ते में कम से कम 150 मिनट का हल्का व्यायाम या 75 मिनट का तेज व्यायाम करना चाहिए। पिछले साल आए एक अध्ययन के मुताबिक, अमेरिका में 40 फीसद, ब्रिटेन में 36 फीसद और चीन में 14 फीसद वयस्क स्वस्थ बने रहने के लिहाज से बहुत कम या नहीं के बराबर व्यायाम करते हैं।

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अध्ययन में सात देशों के एक लाख 20 हजार लोगों के मिले आंकड़ों के आधार पर बनाए गए एक मॉडल का विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर 23 देशों व वैश्विक स्तर पर लोगों की शारीरिक सक्रियता से होने वाले आर्थिक फायदे का अनुमान लगाया गया। इसमें पाया गया कि अगर 18 से 64 साल के सभी वयस्क रोजाना 15 मिनट ज्यादा वॉकिंग कर लें, तो दुनिया की अर्थव्यवस्था को सालाना 100 अरब डॉलर का फायदा हो सकता है।

शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहने वाला कोई 40 वर्षीय व्यक्ति रोजाना 20 मिनट जॉगिंग कर अपनी उम्र को औसतन 3.2 साल तक बढ़ा सकता है। अध्ययन में कहा गया है कि अगर लोग व्यायाम और वॉकिंग-जॉगिंग जैसी गतिविधियों को जीवनशैली का हिस्सा बना लें, तो उनका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। इससे लोगों की औसत आयु भी बढ़ती है। उम्र लंबी होने से लोग अर्थव्यवस्था में ज्यादा समय तक अपना योगदान दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त स्वस्थ व्यक्ति की उत्पादकता भी अन्य से बेहतर रहती है।

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