मायावती के भाई और बसपा उपाध्यक्ष आनंद कुमार पर कैग फिर कसेगा शिकंजा

बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) अध्यक्ष मायावती (Mayawati) के भाई और बसपा उपाध्यक्ष आनंद कुमार (BSPs National vice president) की बेनामी संपत्ति जब्त होने के बाद अब आयकर विभाग (Income Tax Department) की जांच का दायरा बढ़ने लगा है। साथ ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General of India) ने रियल एस्टेट कंपनी बीपीटीपी की फाइलों को दोबारा प्राधिकरण में खंगालने का काम शुरू कर दिया है। कैग ने बीपीटीपी की इस परियोजना पर पहले भी आपत्ति लगाई थी। यह वही प्रमोटर कंपनी है, जो कैपिटल सिटी परियोजना बना रही है। इसी प्लाट को बसपा उपाध्यक्ष आनंद की पत्नी की बेनामी संपत्ति मानकर जब्त किया गया है।

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बता दें कि बसपा शासन काल में प्राधिकरण ने 2007-08 में एक व्यावसायिक योजना निकाली थी। इस योजना के तहत सेक्टर-94 में प्लाट नंबर 1,2,3 व 4 बीपीटीपी कंपनी को आवंटित किए गए। यह जमीन 11 अरब 15 करोड़ 51 लाख 16 हजार 239 रुपये की है। इसका कुल क्षेत्रफल 85672.17 वर्ग मीटर है। इसमें से ही करीब 28 हजार वर्गमीटर जमीन को जब्त किया है।

नए सिरे से कागजी दस्तावेजों की जांच से मामले में नया मोड़ आ सकता है। कैपिटल सिटी का निर्माण नवंबर 2010 में शुरू हुआ था। ओखला पक्षी विहार को लेकर आए कोर्ट के फैसले के बाद निर्माण बंद कर दिया गया था। एक जनवरी 2017 को इसे दोबारा शुरू किया गया। रेरा में किए गए रजिस्ट्रेशन के अनुसार 2020 तक इसका निर्माण पूरा किया जाना है।

जुलाई 2018 में हो चुका है हादसा

कैपिटल सिटी परियोजना में 15 फ्लोर की इमारत बनाई जा रही थी। सात जुलाई, 2018 को निर्माणाधीन इमारत के 15वें फ्लोर पर शटरिंग का पेंच खुल जाने से मलबा नीचे गिर गया और इसके नीचे दबने से चार मजदूरों की मौत हो गई थी। इसकी जांच प्राधिकरण की ओर से की गई थी। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने की वजह से बीपीटीपी को फटकार लगाई गई थी।

फाइलों को दोबारा खंगालने का काम शुरू

कानपुर संवाददाता के मुताबिक, आयकर विभाग का कानपुर रीजन भी आनंद की अन्य संपत्तियों को तलाशेगा। आयकर विभाग का पश्चिम उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड का हिस्सा कानपुर रीजन के अंतर्गत आता है।

नोएडा में जहां आनंद की संपत्ति को आयकर विभाग की बेनामी विंग ने अटैच किया है, वह भी कानपुर रीजन में आता है। कानपुर रीजन ने पांच वर्ष पहले आनंद के यहां छापा मारा था।

कानपुर रीजन के अधिकारियों का कहना है, उन्हें मलाल है कि यह कार्रवाई उनकी तरफ से नहीं हुई। दिल्ली की बेनामी यूनिट की कार्रवाई के बाद अब कानपुर रीजन ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आयकर अधिकारियों को सक्रिय कर दिया गया है कि वे जानकारी हासिल करें कि इस क्षेत्र में आनंद की कौन-कौन सी संपत्तियां हैं।

आयकर विभाग इन जानकारियों को हासिल करने के बाद अपनी कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही विभाग लेयर्ड ट्रांजेक्शन में जिन कंपनियों का नाम खुलकर सामने आए हैं, उनके अन्य मामलों की भी जांच करने जा रहा है, ताकि उनसे होने वाली फंडिंग को पकड़ा जा सके।

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