महिला ने आसरा मांगा तो तेजप्रताप ने कहा कुछ ऐसा…

राजद विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव एक सप्ताह से पार्टी आॅफिस में लगातार जनता दरबार लगा रहे हैं। वे रोज किसी न किसी फरियादी की वजह से हमेशा चर्चा में रहते हैं। साल 2018 के अंतिम दिन सोमवार को तेजप्रताप ने जनता दरबार की टाइमिंग थोड़ी चेंज कर दी। लेकिन अंतिम दिन भी तेजप्रताप ने काफी उदारता का परिचय दिया और एक बेघर महिला को राजद कार्यालय में ही घर की व्यवस्था कर दी।   महिला ने आसरा मांगा तो तेजप्रताप ने कहा कुछ ऐसा...

तेजप्रताप ने सोमवार को एक महिला फरियादी को राजद कार्यालय परिसर में ही रहने का फरमान सुना दिया। महिला ने जिला प्रशासन पर आशियाना उजाडऩे का आरोप लगाते हुए रहने की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई थी। तेजप्रताप ने उसे पार्टी दफ्तर में ही रहने को कह दिया। 

तेजप्रताप के फरमान के बाद पुष्पा देवी नाम की फरियादी ने मीडिया से कहा कि अगले दिन ही राजद दफ्तर में झोपड़ी डालकर रहना शुरू कर देगी। तेजप्रताप अपने निर्णय पर अड़े हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार ने ऐसे लोगों को बेघर कर दिया है, तो हमें जिम्मेवारी लेनी ही पड़ेगी। तेजप्रताप राज्य सरकार पर भी बरसे और इसे निकम्मी करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार सोयी हुई है। जगाने पर भी नहीं जाग रही। नींद से जगाने के लिए हमें कुछ और उपाय करना होगा। 

तेजप्रताप से जब मीडिया ने पूछा कि इस तरह आप कितने लोगों को राजद कार्यालय में आसरा देंगे तो उन्होंने कहा कि राजद गरीबों की पार्टी है। इनका ख्याल हम नहीं रखेंगे तो कौन रखेगा? जनता दरबार में मेरी कोशिश होती है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की समस्याएं सुलझाई जाएं। अगर कोई हमसे मदद मांगेगा तो हम मना कैसे कर देंगे? 

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह जनता दरबार में एक महिला फरियादी ने फुलवारी थाने के थानेदार पर इंसाफ नहीं करने का आरोप लगाया था। मामला उस समय बढ़ गया, जब थानेदार ने तेजप्रताप को फोन पर पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे अपने समर्थकों के साथ सीधे थाने का घेराव करने पहुंच गये। इतना ही नहीं, कल तो वे जनता दरबार में धरती पर बैठकर फरियादें सुनीं। साथ ही ट्वीट कर कहा कि जमीन से जुड़ने के लिए जमीन पर रहना ही पड़ेगा।

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