फिर सियासी अखाड़ा बनी राम नगरी, अपने पिता का इतिहास दोहरा रहे उद्धव

धार्मिक और पावन नगरी अयोध्या जहां रामलला ने जन्म लिया था, आज एक सियासी अखाड़ा बनकर रह गई है। सालों से चला आ रहा राम मंदिर निर्माण का मामला महज एक राजनीतिक मुद्दा बनकर रह गया है। इसी के चलते शिवसेना प्रमुख शनिवार से ही रामनगरी में आ पहुंचे हैं। कहा जा रहा है कि रविवार को राम नगरी में विश्व हिन्दू परिषद ने राम मंदिर निर्माण को लेकर एक धर्म सभा का आयोजन किया है। इस आयोजन का कारण सरकार पर राम मंदिर निर्माण का दबाव बनाना है।

फिर सियासी अखाड़ा बनी राम नगरी, बाल ठाकरे का इतिहास दोहरा रहे उद्धव…..
ये है पूरा मामला…
आज राम नागरी अयोध्या में धर्म सभा का आयोजन होने वाला है, जिसमे किसी भी नेता को शामिल होने की अनुमति है। जिसमे शामिल होने के लिए साधू-संत और रामभक्त एकत्रित हो रहे हैं। आज यहां लगभग हजारों की भीड़ का आंकलन लगाया जा रहा है। इसी वजह से रामनगरी में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
धर्म सभा में हिस्सा लेने अयोध्या पहुंचे…
लगातार प्राप्त हो रही जानकारी के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और बजरंग दल के हजारों कार्यकर्ता देश भर से अलग-अलग साधन के जरिए पावन नागरी अयोध्या पहुंच चुके हैं। रामनगरी में सुबह 11 बजे होने वाली धर्म सभा में हिस्सा लेने के लिए कारसेवकपुरम के बड़े भक्तमल की बगिया में इकट्ठा हो रहे हैं। जानकारों के मुताबिक इस सभा में आरएसएस के 1 लाख और वीएचपी के 1 लाख कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे और सिर्फ वाराणसी से 10000 बजरंगी (बजरंग दल) आयोध्या पहुंच रहे हैं।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने किए दर्शन
बाल ठाकरे का इतिहास दोहरा रहे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे वीएचपी की धर्म सभा से पहले सुबह साढ़े 9 बजे के लगभह रामलला के दर्शन किए। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र जैन के मुताबिक अयोध्या नागरी में 25 नवंबर को होने वाली धर्म सभा के बाद आरएसएस और वीएचपी के प्रतिनिधि सभी दलों के नेताओं से मुलाकात करना शुरू करेंगे और राम मंदिर पर कानून लाने के लिए समर्थन मांगेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध…
अयोध्या नागरी में लगातार जमा हो रहे बड़ी संख्या में साधु-संतों और कार्यकर्ताओं के अयोध्या पहुंचने पर उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा बहुस्तरीय सुरक्षा की व्यवस्था की गई है, जिसमें 70 हजार पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा पर इसलिए कड़ाई की जा रही है क्यूंकी साल 1992 6 दिसंबर को हुए बाबरी विध्वंस की याद अयोध्या में रहने वाले अल्पसंख्यक भूले नहीं होंगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई अल्पसंख्यक परिवारों के अयोध्या छोड़ने और दूसरे शहरों में रिश्तेदारों के यहां शरण लेने की खबरें भी आ रहीं हैं।
अयोध्या पहुंचे उद्धव ठाकरे ने साधू-संतों से मुलाक़ात करने के बाद- कहा कि उन्हें राम मंदिर निर्माण का श्रेय नहीं चाहिए। उन्हे राम मंदिर निर्माण की तारीख चाहिए। सब मिलकर राम मंदिर का निर्माण करेंगे। सब साथ आएंगे, तो राम मंदिर जल्द बनेगा।
प्रयागराज में धर्म सभा…
इसी के साथ ही प्रयाग में 31 जनवरी और 1 फरवरी को होने वाली धर्म सभा के समापन के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए सभी शहरों के मंदिरों में प्रार्थना और यज्ञ का आयोजन होगा।
अयोध्या में धर्म सभा…
कहा जा रहा है की अयोध्या में 25 नवंबर दिन रविवार को 3 लाख कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया जा रहा हैं। इसके अलावा मंच पर 100-150 साधु-संत विराजमान होंगे और तकरीबन 50-60 लोगों का संबोधन होगा।  मंच पर शामिल होने वालों में अहम संतों में जगतगुरु रामानंदाचार्य, स्वामी हंसदेवाचार्य, रामभद्राचार्य, रामेश्वर दास वैष्णव, राम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्य गोपाल दास का नाम शामिल है।

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