फडणवीस बोले- 31 अक्टूबर तक किसानों को मिलेगी कर्ज माफी

मुंबई.मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि जरूरतमंद किसानों का कर्ज 31 अक्टूबर तक माफ कर दिया जाएगा। इसकी रूपरेखा तय हो रही है। उन्होंने कहा कि पांच एकड़ से कम जमीन के मालिक करीब 1.07 करोड़ किसानों को इससे लाभ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल किसान आंदोलन से फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंध्रप्रदेश की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी कर्ज माफी के लिए आईटी आधारित प्लेटफार्म तैयार किया जाएगा। मेरा दावा है कि महाराष्ट्र के इतिहास की यह सबसे बड़ी कर्ज माफी होगी। उधर, राज्य में आंदोलन के छठे दिन मंगलवार को कई जगह किसानों ने सरकारी दफ्तरों पर ताले जड़े। नाशिक, अमहदनगर, सांगली, कोल्हापुर, अमरावती समेत अन्य जिलों में किसानों ने विरोध-प्रदर्शन किया। बातचीत के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं, लेकिन जो केवल किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति कर रहे हैं। उनसे चर्चा करने का कोई अर्थ नहीं है।
फडणवीस बोले- 31 अक्टूबर तक किसानों को मिलेगी कर्ज माफी
 
ऐसे धनराशि जुटाएगी सरकार
किसानों को कर्ज माफी देने की घोषणा के बाद वित्त विभाग ने अतिरिक्त धनराशि जुटाने की दिशा में तेजी से कदम उठाना शुरू कर दिया है। वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि सरकार किसानों के हित के लिए काम कर रही है। इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि कर्ज माफी के लिए सरकार धनराशि जुटा लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार नॉन बैंकिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन के जरिए निधि जुटाने के बारे में विचार कर रही है। इस मॉडल का अध्ययन करने के लिए मैं खुद जुलाई में अहमदाबाद जाऊंगा। वहीं कर्जमाफी को लेकर धन जुटाने पर विस्तृत विचार के लिए मुख्यमंत्री ने मंगलवार रात भाजपा के मंत्रियों की बैठक बुलाई, जो देर रात तक जारी थी।
भाजपा के विधायक-सांसदों के घरों पर आज प्रदर्शन
किसानसभा के प्रदेश महासचिव डॉ. अजित नवले ने दैनिक भास्कर को बताया कि हड़ताल का विरोध करने वाले भाजपा के विधायक व सांसदों के घरों के बाहर बुधवार को प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही मध्यप्रदेश में पुलिस फायरिंग में हुई किसानों की मौत की घटना पर विरोध जताया जाएगा। उधर, पुणतांबे के किसानों ने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे से मुंबई में मुलाकात की और उनसे हड़ताल का नेतृत्व करने की अपील की।
 
मनसे नेता बाला नांदगांवकर ने बताया कि राज ठाकरे पुणतांबे का दौरा करेंगे। इस बीच सरकार ने नाशिक व कोल्हापुर में धारा-144 लागू कर दिया है।
  
पीएम से मिले पवार
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और मांग की कि उप्र की तर्ज पर महाराष्ट्र के किसानों को भी कर्ज मुक्त किया जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्ज माफी का आश्वासन उप्र के लिए था न कि महाराष्ट्र के लिए। लिहाजा इस मसले पर राज्य सरकार ही फैसला लेगी।
 
प्रधानमंत्री ने हालांकि पवार की बातों को गौर से सुना, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए कि इस आंदोलन में किसानों के अलावा अन्य असामाजिक तत्व भी शामिल हैं। जिस पर पवार ने प्रधानमंत्री से कहा कि राज्य में जारी किसान आंदोलन पूरी तरह अराजनीतिक है इसमें विपक्ष का हाथ नहीं है। यह आंदोलन किसान ही कर रहे हैं। पवार ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल का प्रयोग कर रही है, किसानों पर बेवजह मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इसे रोका जाना चाहिए और जल्द सभी किसानों का कर्ज माफ किया जाना चाहिए।
 
हिंसा करने वालों पर सरकार की खुफिया नजर
राज्य में शुरू किसान आंदोलन के दौरान जगह-जगह हुई हिंसा को सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार का मानना है कि हिंसा में किसान नहीं बल्कि असामाजिक तत्व शामिल हैं और इसके पीछे साजिश काम कर रही है। गृह विभाग के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक खुफिया विभाग को सक्रिय कर दिया गया है और हिंसा में शामिल लोगों की जन्मकुंडली खंगाली जा रही है। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि सरकार को किसान हड़ताल के इतने व्यापक होने की उम्मीद नहीं थी। इसमें किसानों के बजाय असामाजिक तत्वों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की हिस्सेदारी ज्यादा है। वे आंदोलन के नाम पर हिंसा कर रहे हैं जिससे देशभर में राज्य सरकार की छवि खराब हो रही है। सत्ताधारी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी इस पर काबू पाने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि मीडिया सहित सोशल मीडिया में हिंसा पर उतारू लोगों की जो तस्वीरें आई हैं, उसके आधार पर हिंसा में शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सरकार इस पहलू से भी जांच कर रही है कि नक्सल विचारधारा से जुड़े लोग भी तो इस हिंसा में शामिल नहीं हैं?
Back to top button