पेट्रोलियम कंपनियों ने रोकी एअर इंडिया की ईंधन सप्‍लाई, चीफ का छलका दर्द

कर्ज में डूबी हुई एयरलाइन एअर इंडिया मुनाफे की ओर बढ़ रही है लेकिन इसके बाद भी कंपनी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. बीते दिनों ही पेट्रोलियम कंपनियों (ओएमसीज) ने बकाये का भुगतान नहीं करने की वजह से एअर इंडिया को ईंधन की सप्‍लाई रोक दी थी. अब ईंधन की कमी की वजह से एअर इंडिया के विमान की उड़ान में भी दिक्‍कतें आने लगी हैं.

दरअसल, बीते सोमवार को कोच्चि एयरपोर्ट से एअर इंडिया का ड्रीमलाइनर विमान करीब 4 घंटे तक उड़ान नहीं भर सका. न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इस विमान में करीब 300 यात्री सवार थे. रिपोर्ट के मुताबिक नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की दखल के बाद मामला सुलझ सका. बता दें कि इंडियन ऑयल के नेतृत्व में तीन प्रमुख तेल कंपनियों ने पिछले हफ्ते कोच्चि, पुणे, पटना, रांची, विशाखापत्तनम और मोहाली एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की ईंधन आपूर्ति पर रोक लगा दी थी. एअर इंडिया पर ईंधन का बकाया करीब 5,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.

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एयरलाइन चीफ का छलका दर्द

इस बीच, एअर इंडिया के प्रमुख अश्वनी लोहानी ने फेसबुक पर एक मार्मिक पोस्ट लिखा है. उन्होंने कहा कि ईंधन पर यह रोक उनके कारोबार या प्रयासों की कमी के कारण नहीं बल्कि भारी कर्ज के बोझ की वजह से लगी है. उन्होंने कहा कि भारी कर्ज ही उनकी एयरलाइन की तमाम मुश्किलों का कारण है.

लोहानी ने कहा, ”एअर इंडिया की ईंधन आपूर्ति पर लगायी गई रोक उसके पास कुल फंड की कमी की वजह से है.  इसका उसके प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं है.” लोहानी ने कहा कि कंपनी पर बकाया भारी कर्ज उसके कामकाज के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है. इन मुश्किलों के बाद भी हमें ऊंची उड़ान भरने की जरूरत है, भले रास्ते में जो भी कठिनाई आए.”

बता दें कि एअर इंडिया पर 31 मार्च 2019 तक कुल 58,351 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज है. सरकार से इस साल किसी भी तरह की राजकोषीय सहायता नहीं मिलने के साथ उसका कुल घाटा करीब 70,000 करोड़ रुपये है. सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में कंपनी के विनिवेश की असफल कोशिश की थी.हालांकि इस साल कंपनी को मुनाफा जरूर हुआ है. बीते दिनों एअर इंडिया की ओर से बताया गया कि इस वित्त वर्ष में एयरलाइन वित्तीय प्रदर्शन काफी अच्छा है और कंपनी मुनाफे की ओर बढ़ रही है.

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