पिंक-ब्लू सिटी की तर्ज पर सजेगा बाबा श्रीमहाकाल की सवारी का मार्ग

बाबा श्री महाकाल की नगरी को वैश्विक सांस्कृतिक पहचान देने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। कंठाल से गोपाल मंदिर तक महाकाल सवारी मार्ग पर अब यूनिफॉर्म कलर कोड लागू होगा। जयपुर की पिंक सिटी और जोधपुर की ब्लू सिटी की तर्ज पर इस पूरे मार्ग को हेरिटेज लुक दिया जाएगा।
महापौर मुकेश टटवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बदलते उज्जैन विजन के तहत शासकीय पत्र जारी किया है। वर्तमान में सवारी मार्ग का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण अंतिम चरण में है। इसी के साथ अब मार्ग के सभी मकानों और दुकानों के बाहरी हिस्से एक ही रंग में रंगे जाएंगे। साइन बोर्ड का आकार, फॉन्ट और रंग भी एक जैसे होंगे, ताकि अव्यवस्था खत्म हो। यह कार्य केवल कागजी योजना बनकर न रह जाए, इसलिए योजना को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। महापौर परिषद के सदस्य रजत मेहता स्वयं दुकान-दुकान जाकर व्यापारियों से संवाद कर रहे हैं। हर प्रतिष्ठान पर जाकर महापौर का अपील पत्र सौंपा जा रहा है।
इस मामले में महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि यह केवल निर्माण नहीं, बल्कि बाबा महाकाल की सेवा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का पवित्र प्रयास है। जब श्रद्धालुओं को पूरे मार्ग पर सुव्यवस्थित आध्यात्मिकता दिखाई देगी, तो हेरिटेज वॉक को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार भी बढ़ेगा। व्यापारियों को समझाया जा रहा है कि एकरूपता से शहर की सुंदरता बढ़ेगी और पर्यटन को भी लाभ होगा। नगर निगम की इस आत्मीय अपील का सकारात्मक असर दिख रहा है। व्यापारी भी इस ऐतिहासिक बदलाव में भागीदार बनने के लिए आगे आ रहे हैं।
शहरवासियों से की जा रही यह अपील
महापौर मुकेश टटवाल ने शहर के गौरव को बढ़ाने के लिए नागरिकों और व्यापारियों से एक भावनात्मक एवं प्रशासनिक अपील की है। उन्होंने कहा है कि मार्ग के सभी मकानों और दुकानों के बाहरी हिस्सों को एक तय यूनिफॉर्म कलर कोड (एक जैसे रंग) में रंगा जाए। सभी दुकानों के नाम और साइन बोर्ड का आकार, फॉन्ट और रंग एक जैसा हो, ताकि सड़कों पर बिखराव और अव्यवस्था दिखाई न दे।
हेरिटेज वॉक को बढ़ावा मिलेगा
योजना के लिए शहरवासियों से सीधे संवाद कर उन्हें समझाया जा रहा है कि इस एकरूपता से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि यहां हेरिटेज वॉक को भी बढ़ावा मिलेगा। जब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पूरे मार्ग पर अद्भुत और सुव्यवस्थित आध्यात्मिक वातावरण दिखाई देगा, तो इससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बड़ा लाभ होगा। एमआईसी सदस्यों के इस आत्मीय आग्रह और समझाइश का व्यापारियों पर भी सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है और वे इस ऐतिहासिक बदलाव में भागीदार बनने के लिए आगे आ रहे हैं।





