कश्मीर के कठुआ, यूपी के एटा, बिहार के सासाराम और असम के साथ-साथ देश में कई जगहों पर बच्चियों से हो रहे रेप की घटना ने सबको झकझोर कर रखा है. सरकार अब इस तरह के जघन्य अपराध के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी में है. रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को कैबिनेट बैठक में ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस’ पॉक्सो में संशोधन की तैयारी में है. इसके बाद 12 साल से कम की बच्चियों से रेप के दोषी को मौत की सजा का प्रावधान हो जाएगा.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पॉक्सो में संशोधन करने के बाद रेप के आरोपियों को फांसी की सजा देने का रास्ता साफ हो जाएगा. इसको महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गाधी के उस बयान से भी बल मिलता है जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका मंत्रालय जल्द ही पॉक्सो एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट में पेश करेगा. बता दें कि अभी इस कानून के दोषियों को मौत की सजा नहीं दी जाती है.

सुप्रीम कोर्ट: क्या सिख धर्म में पगड़ी पहनना अनिवार्य है?

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका के जवाब में कहा कि वह पॉक्सो ऐक्ट में संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है. इसके तहत 12 साल से कम उम्म की बच्चियों के साथ रेप के लिए फांसी का प्रावधान होगा. दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मांग की है कि पीएम इस मामले में तेजी से सुनवाई करके पीड़ितों को न्याय दिलाएं.

मेनका गांधी ने दो दिन पहले सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर अपील की थी कि यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए स्पेशल सेल बनाया जाए. इसके लिए पुलिस के लोगों को विशेष ट्रेनिंग देने की जरूरत है. राज्यों में भी फॉरेंसिक लैब बनाए जाने चाहिए.