‘नमोस्तुते माँ गोमती’ के जयघोष से गूंजा मनकामेश्वर उपवन घाट

विश्वकल्याण कामना के साथ की गई आदि माँ गोमती महाआरती

लखनऊ : भाद्रपद शुल्क पूर्णिमा, पितृपक्ष आगमन व पंडित दीनदयालपंडित उपाध्याय जन्मोत्सव के अवसर पर नमोस्तुते माँ गोमती के तत्वाधान में आयोजित आदि पूर्ण चंद्र कि दिव्य किरणों की उपस्तिथि में माँ गोमती महाआरती के कारण मनकामेश्वर उपवन घाट की अलौकिता अपने चरम को स्पर्श कर रही थी। 25 सितम्बर की पुनीत संध्या पर मनकामेश्वर मठ-मंदिर की प्रमुख महंत देव्यागिरि ने आदि माँ गोमती महाआरती की। आश्विन नक्षत्र प्रारम्भ की पूर्वसंध्या पर आयोजित इस गोमती आरती के मौके पर उपवन घाट को विभिन्न के पुष्पों,  हज़ारों दियो व बिजली की सुन्दर झालरों से सुशोभित किया गया था। भगवान हनुमान का दिन मंगलवार होने के कारण एवं मौसम में शरद कालीन कुहास होने के कारण आदि माँ गोमती महाआरती को देखने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कार्यक्रम की शुरआत में सायं चार बजे मनकामेश्वर उपवन घाट के मुख्य मंच पर महन्त देव्यागिरि ने पंडित दीन दयालपंडित उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर पंडित जी जन्मोत्सव मानया गया। इस अवसर पर भक्त गण एवं  महंत देव्यागिरि महाराज के आर्शीवाद से मां गोमती आरती को सुचारू रूप से आयोजित कराने के लिए गठित नमोस्तुते मां गोमती कमेटी के संयोजक श्री महादेय यादव, सह संयोजक श्री आलोक जायसवाल, श्री अनुराग सिंह, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी सिंह, सह मंत्री श्री संजय मिश्रा, कोषाध्यक्ष श्री विवेक श्रीवास्तव व अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
गया की तर्ज पर मनकामेश्वर घाट में विकसित किया गया विष्णुपद हुआ वैदिक तर्पण
बिहार के महत्वपूर्ण तीर्थ गया में भगवान विष्णु के पद आज भी विष्णुपद मंदिर परिसर में देखे जा सकते हैं। इसलिए वहां किया गया पितृदान सर्वाधिक कल्याणकारी रहता है। कहा जाता है कि वहां फल्गु नदी के तट पर पिंडदान करने से मृत व्यक्ति को बैकुण्ठ की प्राप्ति होती है। इसीलिए खासतौर से जो गया नहीं जा सकते हैं उनके लिए पूर्णिमा पर आदि गंगा की महा आरती से पहले मनकामेश्वर घाट उपवन में भगवान विष्णु के पद का चित्र बनाकर पूजन अर्चन किया गया। पंडित शिव राम अवस्थी ने वैदिक मंत्रो द्वारा समस्त पूजन पद्धिति को वास्तविक रूप दिया। 21 महिलाओं ने पुरषों के साथ मिल कर तर्पण दिया, मातृ नवमी यानी 3 अक्टूबर कोे  महिलाओं द्वारा तर्पण के दैविक कार्यो को वृहद रूप से किया जाएगा। उसके बाद ही भक्त जन वहां पूजन दान कर सकेंगे। शाम को परंपरा के अनुसार आरती की जाएगी।
 11 वेदिया पर की गई आदि माँ गोमती विश्व कल्याण महाआरती
नमोस्तुते माँ गोमती एवं मनकामेश्वर मठ मंदिर की श्रीमहंत दिव्यगिरी जी महाराज ने मुख्य मंच से माँ गोमती की महा आरती की। पंडित शिवानंद व पंडित शिव राम अवस्थी के आचार्यत्व में सभी वेदियों पर एक ही वेश भूषा में सभी पंडितों ने मंत्रों उच्चार के साथ माँ गोमती की आरती और पूजा अर्चना की।
पुष्पार्पण एवं महाआरती के साथ मनाया गया पंडित दीन दयाल जन्मोत्सव
कार्यक्रम के दूसरे भाग में उपवन घाट पर मंदिर की श्रीमहन्त देव्यागिरि के नेतृत्व में  पंडित दीन दयाल उपाध्याय जन्मोत्सव मनाया गया, पुष्पार्पण एवं  महाआरती कर पंडित जी का स्मरण किया गया, उपाध्याय जी के बारे मे देव्यागिरि ने कहा की “पंडित जी समाज के हर क्षेत्र में और विधा में पारंगत थे हर घटनाओं पर उनकी पैनी नजर रहती थी तथा हर खामियों पर वह मुखर होकर विरोध दर्ज कराते थे। ‘‘दीनदयाल जी के लिए लिए सामान्य मानव का सुख ही सच्चा आर्थिक विकास था। दीनदयाल जी के लिए गरीबी को दूर करने का चिंतन केवल किताबी नहीं था वरन वे उससे एकात्म स्थापित कर लेते थे। वो कहते थे कि ‘जो कमाएगा वो खाएगा, यह ठीक नहीं, जो कमाएगा वो खिलाएगा’ निःसंदेह यह बात केलव संसार के दुःखों से संपृक्त एक संत ही कह सकता है। वे संत तो नहीं, पर राजनीति में रहते हुए भी संत हृदय अवश्य थे।’’एक निःस्वार्थ राजनीति में किन-किन शर्तों की आवश्यकता होती है, पंडित जी इस बात से बाखूबी वाकिफ थे और वे अक्सर कहा करते थे कि ‘‘एक कार्यकर्ता के रूप में मैं देश की जितनी सेवा कर सकता हूं उतना अतिविशिष्ट व्यक्ति होकर नहीं कर सकता हूं’’। राजनीति उनके लिए साध्य था, साधन नहीं, वो राजनीति को सेवा का विषय मानते थे, भोग का नहीं। “
शरद ऋतू पुष्प रंगोली ने उत्पन किया मनोरम दृस्य
मनकामेश्वर उपवन घाट पर वेदियों के सामने व पूरे परिसर में तुलसा देवी गर्ल्स कॉलेज गोमती नगर की मानसी पाल, स्वाति तिवारी एवं गौरी प्रजापति के साथ अन्य लड़कियों ने पीले एवं लाल पुष्पों व दीपों से सुन्दर एवं भावन रंगोली सजाई। आरती देखने आए श्रद्धालुओ मे इन रंगोलियों के सामने सेल्फी लेने की होड़ लगी रही।
विवेकानन्द पाण्डेय व पूजा मिश्रा के भजनों से मंत्र मुग्द हुए श्रद्धालु
विवेकानंद पांडेय भजन के साथ आरम्भ हुई गोमती आरती संध्या, उनके साथियों के संयोजन में घाट पर भजन संध्या का आयोजन हुआ। गुरु मेरी पूजा, नमोस्तुते माँ गोमती,जय गणपति गण नायक…  शंकर स्तुति व अन्य भजन सुनकर दर्शक भाव विभोर हो गए। भजन गायिका पूजा मिश्रा ने दिव्यांश मिश्रा, जीत अलबेला व दीप कुमार ने अपने शुरू से कार्यक्रम मे समा बांध दिया।  इनके साथ संगत मे ज्योति प्रकाश शुक्ल, तबले पर मुकेश शुक्ला, पैड पर सोनू शर्मा ने साथ दिया।
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