धनबल के जरिए उत्तराखंड में सत्ता चाहती है भाजपा

एजेन्सी/उत्तराखंड के सियासी संकट पर अब केंद्रीय राजनीति भी गरमा गई है। उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों को लेकर भाजपा-कांग्रेस एक दूसरे पर आरोपों की बयानबाजी कर रहे हैं। दोनों पार्टी एक दूसरे को कसूरवार ठहरा रही हैं।
उत्तराखंड के राजनीतिक हालातों पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कांग्रेस पर निशाना साधा तो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा की मोदी सरकार को लपेटे में ले कर मोदी सरकार पर हमला बोला। राहुल ने ट्वीट कर जवाब दिया।कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को तीन ट्वीट किए। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला करते हुए ट्वीट कर कहा कि बिहार में हारने के बाद लगता है कि खरीद-फरोख्त पैसे और ताकत से चुनी हुई सरकार को गिराना ही बीजेपी का नया मॉडल है।
यह हमारे लोकतंत्र और संविधान पर हमला है। पहले अरुणाचंल और अब उत्तराखंड में मोदी जी की बीजेपी का असली चेहरा सामने आया है। कांग्रेस ऐसे लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से और लोकतंत्र के दम पर लड़ेगी। उधर वित्त मंत्री अरूण जेटली ने उत्तराखंड के सियासी हालातों पर कहा कि राज्य विधानसभा में ज्यादातर विधायकों ने वित्त विधेयक का विरोध किया लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह बिल पास हो गया।
जेटली ने कहा कि यह पहली बार हुआ जब सदन में विरोध के बाद विस अध्यक्ष ने कहा कि बिल पास हो गया। जेटली ने कहा कि बिहार, तमिलनाडू और पं बंगाल में कांग्रेस का स्तर कहां तक गिर गया अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने उत्तराखंड में आए सियासी संकट को लेकर साफ तौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।अल्पमत में आई उत्तरांखड की कांग्रेस सरकार के मुख्मंत्री हरीश रावत ने भाजपा पर कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। हरीश रावत ने सीधे तौर पर पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा लोकतंत्र की हत्या कर पीएम मोदी होली न खेलें।उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया है कि सरकार से बागी हुए प्रत्येक विधायक को पांच करोड़ रूपए का ऑफर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के खिलाफ और असंवैधानिक तरीके सरकार को अस्थिर करना चाहती है। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धन-बल के आधार पर विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रही है और इसके जरिए सरकार को गिराने का खेल खेल रही है।
बता दें कि प्रदेश में सरकार से बागी हुए कांग्रेस के 9 विधायक भाजपा के साथ खड़े हैं और दिल्ली में डेरा डाले हैं। इस बीच शनिवार को उत्तराखंड के राज्यपाल केके पॉल ने सीएम हरीश रावत को 28 मार्चतक बहुमत साबित करने का वक्त दिया है।
मालूम हो कि उत्तराखंड विधानसभा में 70 सदस्य हैं। जिसमें से सत्ताधारी कांग्रेस के 36 विधायक हैं। कांग्रेस को तीन निर्दलीय, बसपा के दो और एक उत्तराखंड क्रांतिदल के विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।
गौरतलब है कि 70 सीटों वाली उत्तराखंड विधानसभा में बीते शुक्रवार को सदन में वित्त विधेयक के विरोध में सत्तारूढ कांग्रेस के ही नौ विधायकों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावती तेवर अपना दिए और भाजपा के साथ खड़े हो गए।भाजपा के 26 विधायकों के साथ कांग्रेस सरकार से बागी हुए नौ विधायक अब बीजेपी के साथ सरकार बनाने की जुगत में हैं। लिहाजा कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई। 28 मार्च को सीएम हरीश रावत को सदन में बहुमत साबित करना है।





