दिल्लीः वो 5 कारण जिनसे अग्निकांड में बदल गया छोटा सा हादसा, हुई 17 लोगों की मौत 

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मध्य दिल्ली के करोलबाग स्थित एक होटल में मंगलवार सुबह भीषण आग लगने से कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने करोलबाग आग हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। दिल्ली जैसे शहर में एक होटल में आग लग जाने से ऐसा भयावह हादसा होना बहुत बड़ी चूक दर्शाता है। यह दिखाता है कि न तो होटल प्रशासन न पुलिस प्रशासन इस तरह की किसी घटना के लिए तैयार थे। एक छोटी सी आग जिस तरह अग्निकांड में बदल गई और 17 लोगों की जान चली गई उसके पीछे ये 5 बड़े कारण देखे जा रहे हैं…दिल्लीः वो 5 कारण जिनसे अग्निकांड में बदल गया छोटा सा हादसा, हुई 17 लोगों की मौत 

पुलिस ने बताया कि आग करोलबाग में गुरुद्वारा रोड स्थित होटल अर्पित पैलेस में लगी। दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग लगने की सूचना सुबह चार बजकर 35 मिनट पर मिली और तुरंत दमकल विभाग की 24 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसे में 17 लोग मारे गए हैं। घायलों को राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) सहित तीन अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। 17 लोगों के मौत की वजह ज्यादातर चश्मदीद दम घुटना बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि गलियारों में लकड़ी के पैनल लगे होने के कारण आग जल्दी फैल गई।

एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि 13 शव आरएमएल अस्पताल में हैं। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है। घटना के वीडियो में दो लोग जान बचाने के लिए जलती हुई इमारत की चौथी मंजिल से कूदते नजर आ रहे हैं। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ इस्तेमाल किए अग्निशामक मिले हैं, जिससे प्रतीत होता है कि अंदर फंसे लोगों ने आग बुझाकर वहां से निकलने की कोशिश की होगी।

वहीं एनडीएमसी का कहना है कि दिल्ली के करोलबाग इलाके के अर्पित पैलेस होटल में मंगलवार की तड़के लगी भीषण आग की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। उत्तर दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। एनडीएमसी ने कहा कि होटल की इमारत में सबसे पहले दूसरी मंजिल पर आग लगी। इस होटल को अक्तूबर 2005 में लाइसेंस दिया गया और हर साल इसका नवीनीकरण हो रहा था। पिछली बार लाइसेंस का नवीनीकरण 25 मई 2018 को किया गया था जो इस साल 31 मार्च तक मान्य है। अधिकारी ने बताया, ‘घटनास्थल से प्राप्त जानकारी से पता चला है कि 12 फरवरी को तड़के साढ़े तीन बजे दूसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी।

सूत्रों के अनुसार होटल में फायर इमर्जेंसी के हिसाब से भारी लापरवाही बरती गई थी। फ़ायर इमर्जेंसी एक्जिट रूट न होने से समस्या ने भयावह रूप लिया। फ़ायर ब्रिगेड के पास भी पर्याप्त इंतज़ाम नहीं हैं। ब्रिगेड की हाइड्रोलिक सीढ़ियां भी समय पर नहीं खुल पाई। माना जा रहा है कि यदि फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक सीढ़ियाँ समय पर खुलती तो हादसा कम वीभत्स होता।

इस घटना के बाद अब होटल पर कानून के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि होटल को 4 मंजिला इमारत की मंजूरी मिली थी, मगर यह 6 मंजिला है। इसे लापरवाही बताया जा रहा है।

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