“तुम ही कर दो, मुझसे सही नहीं होगा” क्या आपके पार्टनर भी काम से बचने के लिए आजमाते हैं ये पैंतरा? 

शायद आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ हो कि आपने अपने पार्टनर से कपड़े फोल्ड करने या बच्चे का डायपर बदलने के लिए कहा हो और उन्होंने वो काम इतना बुरा किया हो कि आपने दोबारा वो काम उन्हें करने के लिए नहीं कहा। ये बात सच है कि हर व्यक्ति सभी कामों में अच्छा नहीं होता, लेकिन अगर वो सुधार की कोशिश भी न करे या बार-बार ऐसा ही करे, तो ये सिर्फ लापरवाही नहीं।

इसे वेपनाइज्ड इनकंपिटेंस कहा जाता है। कई लोग घर के कामों या किसी भी दूसरे काम से बचने के लिए ये पैतरा आजमाते हैं। आइए जानें ये होता क्या है और इसे कैसे पहचान सकते हैं।

क्या है वेपनाइज्ड इनकंपिटेंस?
वेपनाइज्ड इनकंपिटेंस यानी व्यक्ति जानबूझकर किसी साधारण काम को भी इस तरह खराब या धीमी गति से करता है कि सामने वाला व्यक्ति खींझकर वह काम उसे दोबारा करने के लिए कहता ही नहीं है। रिलेशनशिप में इसे यूं समझिए कि एक पार्टनर पर घर की सारी जिम्मेदारियों का बोझ है और दूसरा हाथ बंटाने से बचने के लिए जानबूझकर काम को अच्छी तरह नहीं करता।

रिश्ते पर क्या हो सकता है असर?
शुरुआत में ये मामूली बात लग सकती है या लापरवाही समझी जा सकती है, लेकिन लंबे समय में ये रिश्ते को कमजोर बना देता है। एक ही व्यक्ति पर सारी जिम्मेदारियां डालने से वह शारीरिक और मानसिक रूप से थक जाता है।

साथ ही, जब एक पार्टनर जानबूझकर काम बिगाड़ने लगता है, तो दूसरे पार्टनर का उस पर भरोसा कम होने लगता है और जरूरत के वक्त भी वह अपने पार्टनर की मदद मांगने की जगह किसी और से सपोर्ट की उम्मीद करने लगते हैं।

लगातार ऐसा करने से दूसरे पार्टनर के मन में कड़वाहट भी पैदा हो सकती है, क्योंकि सारी जिम्मेदारियों का बोझ उसे अकेले उठाना पड़ रहा है, जबकि घर दोनों का है।

इससे कैसे निपटें?
सबसे जरूरी स्टेप है कि शांत होकर बात करें। अपने पार्टनर पर इल्जाम लगाने के बजाय उन्हें बताएं कि उनके काम अधूरा छोड़ने या खराब करने से आप पर दबाव ज्यादा बढ़ता है।

अगर उन्होंने काम खराब किया है, तो तुरंत उस काम को खुद करना शुरू न करें। उन्हें सही तरीका सिखाएं और उन्हें वो काम खुद ही पूरा करने दें।

घर के कामों की एक लिस्ट बनाएं और आपस में बांट लें कि कौन क्या करेगा और इसमें किसी भी तरह की बहानेबाजी नहीं चलेगी।

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