डिब्बेवालों के संगठन को उसके ही कर्मचारी ने 25 लाख का लगाया चूना
मुंबई. दुनियाभर में अपने मैनेजमेंट का लोहा मनवा चुके डिब्बे वालों के संगठन को उसके ही कर्मचारी ने अपने भाई के साथ मिलकर चूना लगा दिया। आरोप है कि डिब्बेवालों से करीब 25 लाख की ठगी की गई है। शिकायत मिलने के बाद शिवाजी नगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। मामले में मयूर कांती और ऋषभ कांती नामक दो लोगों पर ठगी का आरोप है।

दरअसल, डिब्बेवालों को दुनियाभर से आर्थिक मदद मिलती है। आरोपियों ने इसी का फायदा उठाकर फर्जी कंपनी बनाई और डिब्बों वालों के लिए मिली मदद अपने खाते में जमा कर ली। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मुंबई के कामकाजी लोगों का डिब्बा 120 सालों से समय पर और व्यवस्थित पहुंचाने के लिए दुनियाभर में मशहूर डिब्बेबालों का दादर इलाके में ऑफिस है। यहां मयूर पिछले दो सालों से वालंटियर के तौर पर काम कर रहा था। मयूर ने डिब्बे वालों के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद अपने भाई की कंपनी में डालनी शुरू कर दी।
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संगठन से जुड़े संभाजी मेदगे ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि पिछले कुछ महीनों में मिले 24 लाख 39 हजार रुपए ऋषभ के खाते में जमा करा दिए गए। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।





