जीएसटी से रेल यात्रियों की जेब पर पड़ेगा बोझ, महंगा हो जाएगा…

जीएसटी लागू होने के बाद रेल यात्रा करना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। एक जुलाई से लागू होने के बाद रेल यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब ढीली होनी शुरू हो जाएगी।
यात्रा टिकट लेने पर किराया दर तो बढ़ेगी ही साथ ही उन यात्रियों से भी जीएसटी वसूला जाएगा जिन्होंने चार महीने पहले टिकट बुक किया है। इसके साथ ही जीएसटी का असर खानपान व्यवस्था पर भी पड़ेगा। यानी यात्रा किराया के साथ ही खाने-पीने वाली चीजें भी महंगी हो जाएंगी।
यूं तो रेलवे मंत्रालय का फ्रेट विभाग जीएसटी को लेकर काफी उलझा हुआ है और इस एकीकृत कर को 1 जुलाई से लागू करने में असमर्थता महसूस कर रहा है, लेकिन इतना तय है कि इस कर के लग जाने पर एसी क्लास में यात्रा करने वालों पर भार पड़ने वाला है।
दशमलव पांच प्रतिशत (.5) की वृद्धि से रेलवे को तो कोई खास लाभ नहीं होने वाला क्योंकि अभी तक कुल यात्रा किराया का 4.5 प्रतिशत कर भार रेलवे को देना पड़ता था अब कुल पांच प्रतिशत कर भार देना होगा, लेकिन रेल यात्रियों से रेलवे जीएसटी की वसूली करने लगेगा।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने जीएसटी एक जुलाई से लागू कर दिया तो उस दिन से एसी में यात्रा करने के लिए बेस फेयर का आधा प्रतिशत अधिक देना होगा।
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यानी अभी बतौर सर्विस टैक्स यात्रियों को 14.5 प्रतिशत देना होता है यह बढ़कर 15 प्रतिशत हो जाएगा। अगर रेलवे ने सेफ्टी टैक्स जो प्रस्तावित है कि आधा प्रतिशत संरक्षा के नाम पर लिया जाए, लग गया तो यात्रियों को साढ़े पंद्रह प्रतिशत टैक्स के रूप में देना होगा। इसके साथ ही ट्रेन व स्टेशनों पर खाना-पीना भी जीएसटी के कारण महंगा पड़ेगा। क्योंकि इसपर भी अधिभार ज्यादा यात्रियों को चुकाना पड़ेगा।





