क्या बिना शिवलिंग के भी हो सकती है शिव पूजा?

हिंदू धर्म में सावन का महीना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि भगवान शिव को श्रावण मास का महीना काफी प्रिय है। इस पवित्र महीने में भक्त आम दिनों की तुलना में अधिक अध्यात्म के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना और सेवा करते हैं।
इस दौरान भक्त रोजाना मंदिर जाने के साथ शिवलिंग का जलाभिषेक भी करते हैं। लेकिन क्या बिना शिवलिंग के भी सावन में भगवान शिव की पूजा की जा सकती है? आइए जानते हैं एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी से।
सावन में बिना शिवलिंग के पूजा कैसे करें?
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषियों के अनुसार, शिव पुराण में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि मंदिर या घर में पत्थर या धातु का शिवलिंग उपलब्ध न हो, तो भी शिव पूजा पूरी निष्ठा से की जा सकती है। इसके विकल्प इस प्रकार हैं।
पार्थिव शिवलिंग पूजन
सावन में मिट्टी, गोबर या गंगाजल मिली मिट्टी से तुरंत छोटा शिवलिंग बनाकर पूजा करना सर्वोत्तम माना गया है।
चित्र या तस्वीर का पूजन
भगवान शिव और माता पार्वती के चित्र की पूजा की जा सकती है।
मानसिक पूजन (मानसोपचार पूजा)
शास्त्रों में मानसोपचार पूजा यानी मानसिक पूजन को सबसे श्रेष्ठ माना गया है, जिसमें ध्यान लगाकर मन ही मन शिवजी का अभिषेक और पूजन किया जाता है।
वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करना
बेलपत्र के पेड़ या पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करके भी शिव पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
भाव का महत्व
शिव रूप में नहीं, भाव में बसते हैं। यदि आपके पास शिवलिंग न हो, तो केवल मिट्टी से पार्थिव शिव बनाकर या भक्ति भाव से मानसिक पूजन करके भी महादेव की असीम कृपा पाई जा सकती है।
सावन के महीने में घर में संभव न हो सके तो मंदिर जरूर जाए और शिवलिंग पर अपनी क्षमता से जो बन सके उन्हें अर्पित करें। भगवान शिव के बारे में कहा जाता है कि, उन्हें सिर्फ एक लोटा जल से भी प्रसन्न किया जा सकता है।
भगवान शिव स्वभाव से काफी दयालु और सरल हैं। अन्य देवताओं के विपरीत शिव के समक्ष खाली हाथ लेकर भी जाए तो वो संतुष्ट हो जाते हैं। इसलिए इस सावन शिव भक्ति की दिखावे की जगह मन से जितना हो सके उनका नाम जाप करें और निरंतर दूसरे लोगों की सेवा करें, भगवान शिव इससे भी प्रसन्न होते हैं।





