कुछ इस तरह ये बेटी बनी लोगों को न्याय दिलाने के लिए जज

पीसीएस जे एग्जाम का रिजल्ट घोषित होने के बाद मुजफ्फरनगर की अंजुम सैफी के घर उसके परिवार वाले और दोस्त बधाइयां देने पहुंचे. इस कामयाबी से अंजुम खुश तो है, लेकिन अपने पिता को याद करते हुए वह रो पड़ी. दरअसल, बात 1992 की है. तब अंजुम महज चार साल की थी. हर रोज की तरह वह अपने पिता के घर आने का इंतजार ख़ुशी-ख़ुशी कर रही थी. इसी बीच घर के बाहर कुछ लोगों की आवाज आई कि तुम्हारे पिता की मौत हो गई है.

कुछ इस तरह ये बेटी बनी लोगों को न्याय दिलाने के लिए जज

बताया जाता है कि अंजुम सैफी के पिता रशीद अहमद की हार्डवेयर की दुकान थी. वह कुछ अपराधियों के खिलाफ जबरन उगाही पर मोर्चा खोले हुए थे. एक दिन कुछ अपराधी हॉकर से पैसे छीन रहे थे. तभी रशीद बीच बचाव करने पहुंचे तो उन्हें अपराधियों ने गोलियों से भून दिया.

जैसे ही यह खबर उनके घर पहुंची तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. अंजुम के बड़े भाई दिलशाद अहमद बताते हैं कि पिता की मौत के बाद हम सभी भाई-बहनों ने कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया. मैं 40 का हूं. मैंने परिवार के लिए शादी तक नहीं की. आज मुझे मेरी बहन की कामयाबी पर बेहद गर्व है.

इसे भी देखें:- नहाते समय महिला को देखा साधु ने, तो हाथ पकड़कर खींच बन गया शैतान

वहीं, अपनी कामयाबी पर अंजुम भावुक हो गई. उन्होंने कहा कि, “काश आज पापा होते तो बेहद खुश होते. मैं अपनी कामयाबी का श्रेय अपने परिवार को देती हूं. मुझे हर मुश्किल में उनका साथ मिला है.” बता दें कि पीसीएस जे एग्जाम पास कर चुकी अंजुम सैफी अब जज बनेंगी. उनकी मां हामिदा ने बेटी की कामयाबी पर ख़ुशी जाहिर की है.   

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

CM योगी ने नवमी पर किया कन्या पूजन, सभी को कराया अपने हाथों से भोजन

लखनऊ। प्रत्येक वर्ष की भांति ही इस वर्ष