एक चिंगारी से राख हुए किसानों के अरमान, किलोई और रुड़की गांव में जली साढ़े 34 एकड़ गेहूं की फसल

रोहतक जिले के किलोई खास व रुड़की गांव में सोमवार को एक चिंगारी से 45 मिनट में साढ़े 34 एकड़ में खड़ी सात किसानों की गेहूं की फसलें जलकर राख हो गईं। किसानों ने 15 से अधिक ट्रैक्टरों से जुताई कर आग को फैलने से रोका। अज्ञात कारणों से लगी आग ने तेज हवा के कारण विकराल रूप ले लिया।
किलोई निवासी किसान सुरेंद्र हुड्डा ने बताया कि गेहूं की फसल में आग लगने की घटना का पता चला। खेतों में फसल कटाई में जुटे किसानों को जैसे ही इसकी सूचना मिली तो वे आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। कोई पेड़ों की टहनियां तोड़कर तो कोई ट्रैक्टर से जुताई कर आग को फैलने से रोकने में जुट गए। इससे किलाई खास की 32.5 एकड़ तो साथ लगते रुड़की गांव की दो एकड़ फसल आग की चपेट में आ गई।
किसान सुरेंद्र हुड्डा और प्रकाश का कहना है कि गेहूं की फसल जलने से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। खेतों से बिजली की लाइन भी नहीं गुजर रही है, पता नहीं आग कैसे लगी। प्रशासन को नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।
किसान सभा के वरिष्ठ उप प्रधान अशोक राठी ने बताया कि आग की सूचना के बाद दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद पूरी तरह सवा 12 बजे आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि, तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। किसानों ने सदर थाने में फसल जलने की शिकायत दर्ज कराई है।
इन किसानों की जलीं फसलें
किलाई खास के खेतों में लगी आग से किसान दीपक की 11 एकड़, नरेंद्र की 9 एकड़, सुरेंद्र व राजेश की 4-4 एकड़, प्रकाश की 4.5 एकड़, ओमबीर और जोगिंद्र की दो-दो एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई।
किसान ये बरतें सावधानी
जिला अग्निशमन अधिकारी उत्कर्ष ने बताया कि खेतों में ट्रैक्टर स्प्रे मशीन सक्रिय रखें। सोलर से चलने वाले ट्यूबवेल को चालू अवस्था में रखा जाए। फसल काटने के बाद फसल को तारों के नीचे एकत्र न करें। आग लगने के बाद हैरो और कल्टीवेटर से खेत की जुताई कर इसे फैलने से रोका जा सकता है। धूम्रपान के बाद बीड़ी-सिगरेट बुझाकर फेंकें। आग लगने पर इसकी सूचना भी तुरंत टोल फ्री नंबर 112 पर पुलिस और 101 नंबर पर दमकल विभाग को दें।
किसान बोले-कर्ज लेकर की थी गेहूं की बिजाई
जिले में दो दिन में पांच गांवों भैयापुर, लाढ़ौत, गांधरा, किलोई खास व रुड़की के के खेतों में आग लगने से कई किसानों की गेहूं की फसलें आग की भेंट चढ़ गईं। किसान सुरेंद्र ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर गेहूं की बिजाई की थी लेकिन आग की घटना से उनकी छह महीने की मेहनत राख में बदल गई। किसी को अपने बच्चों का स्कूल में एडमिशन कराना था तो किसी को बच्चों की शादी के लिए खरीदारी करनी थी।
किलोई के खेतों में लगी आग का कारण बिजली नहीं है। गांव के जिन खेतों में आग लगी, वहां से बिजली की लाइन नहीं गुजरती है। – मनीष कुमार, एसडीओ, उपमंडल भालौठ, बिजली निगम





