आतंकी हमला होने पर सीक्रेट सर्विस नहीं बचा पाएगी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को

 दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस में सुरक्षित नहीं हैं। यह चौंकाने वाला बयान राष्ट्रपति की सुरक्षा करने वाली एजेंसी सीक्रेट सर्विस के पूर्व कर्मी ने दिया है। यह पूर्व सीक्रेट सर्विस एजेंट पहले कई राष्ट्रपतियों की सुरक्षा में तैनात रह चुका है।

यह भी पढ़े : विदेश: उत्तर कोरिया ने नए रॉकेट इंजन का किया परीक्षण

आतंकी हमला होने पर सीक्रेट सर्विस नहीं बचा पाएगी  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को

पूर्व सीक्रेट सर्विस एजेंट डैन बोंगीनो के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में सुरक्षित नहीं हैं। सुरक्षा में लगी सीक्रेट सर्विस उन्हें आतंकी हमले से बचाने में सक्षम नहीं है। बोंगीनो का यह बयान हफ्ते भर पहले की उस घटना के बाद आया है जिसमें एक आदमी व्हाइट हाउस की चारदीवारी कूदकर अंदर पहुंच गया था और पकड़े जाने से पहले 15 मिनट तक आराम से कड़ी सुरक्षा वाले परिसर में घूमता रहा।

फॉक्स न्यूज से बातचीत में बोंगीनो ने कहा, घुसपैठिये ने बड़े आराम से कई अलार्मों को धोखा दिया। कई अलार्म बजे और सीसीटीवी पर फोटो भी कई अधिकारियों ने देखे। लेकिन उन्होंने तत्काल कुछ नहीं किया। यह सुरक्षा में विफलता की बड़ी कहानी है। बोंगीनो ने राष्ट्रपति के तौर पर बराक ओबामा और उनके पूर्ववर्ती जॉर्ज डब्ल्यू बुश को सुरक्षा देने का काम किया है।

बोंगीनो ने कहा, हफ्ते भर पहले की घटना से साबित होता है कि व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति सुरक्षित नहीं हैं। सीक्रेट सर्विस में उन्हें सुरक्षित रखने की क्षमता नहीं है। राष्ट्रपति को सुरक्षा देने के लिए सीक्रेट सर्विस एजेंट खुद जमीन पर नहीं होते हैं। ऐसे में अगर व्हाइट हाउस पर आतंकी हमला होता है तो सीक्रेट सर्विस राष्ट्रपति की सुरक्षा नहीं कर पाएगी।

इस बीच सीक्रेट सर्विस ने बयान जारी करके बताया है कि कैलीफोर्निया निवासी जोनाथन टी ट्रान (26) व्हाइट हाउस की चारदीवारी कूदकर ईस्ट एक्जीक्यूटिव एवेन्यू और ट्रेजरी डिपार्टमेंट की ओर आया था, तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वह रात 11.21 बजे व्हाइट हाउस परिसर में दाखिल हुआ, उसे 17 मिनट बाद 11.38 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। उस समय राष्ट्रपति ट्रंप अपने आवास में थे।

ओबामा के समय भी व्हाइट हाउस की सुरक्षा में कई बार सेंध लगी और लोगों ने कूदकर चारदीवारी पार की। लेकिन 20 जनवरी को ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली घटना है।

सुरक्षा पर असर डालने वाला एक और मामला भी प्रकाश में आया है। न्यूयॉर्क में एक सीक्रेट सर्विस एजेंट का लैपटॉप चोरी होने की जानकारी मिली है। इस लैपटॉप में सुरक्षा संबंधी संवेदनशील जानकारियां थीं।

loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published.