ब्रेकिंग न्यूज़: अमेरिका ही नहीं, सिंगापुर और ब्रिटेन में भी भारतीय कर्मचारियों के लिए हुआ रास्ता बंद

दुनियाभर के हर देश के लिए अप्रवास चर्चा का विषय बना हुआ है। 2017 भारतीय आईटी कर्मचारियों के लिए बुरा साल बनकर सामने आया है। भारतीय आईटी कर्मचारी जो दुनिया के बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों का हिस्सा हैं, कई देशों में प्रतिकूल वीजा व्यवस्था की परेशानियों से जूझ रहे हैं।
 
अमेरिका के अलावा ब्रिटेन और सिंगापुर में भी कंप्यूटर साइंस और आईटी डिग्रीधारक भारतीय प्रोग्रामर प्रतिकूल वीजा व्यवस्था की परेशानी से जूझ रहे हैं। अमेरिका द्वारा एच1बी वीजा को लेकर लगाए जा रहे कयासों के बीच सिंगापुर में काम करने के लिए आईटी प्रोफेशनल्स को मिलने वाले वीजा पर रोक लगा दी। 

2015-16 के चुनावी प्रचारों के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर बार-बार जोर दिया था कि विदेशी लोग स्थानीय लोगों की नौकरियां छीन रहे हैं। अब दूसरे यूरोपीय देश भी इस बात पर विचार कर रहे हैं। 

चूंकी अब ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बन चुके हैं  अमेरिका के सांसद और विनियामक निकाय इस बात को व्यवहार में लाने के लिए जोर दे रहे हैं। सांसदों ने इस पर कई प्रस्ताव भी रखे हैं भारतीय कंपनियों द्वारा एच 1बी वीजा का दुरुपयोग न हो सके। इसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने निर्देश दिए कि दूसरे देशों से आने वाले  लोग सामान्य प्रोग्रामर न हों बल्कि वो एक्सपर्ट और स्किल्ड होने चाहिए।  

अमेरिका के तर्ज पर  ब्रिटेन में भी स्थानीय नागरिकों को नौकरी पर रखने के लिए कहा गया है। सिंगापुर भी हाल में ऐसे देशों की लिस्ट में शुमार होता जा रहा है जो विदेशी पेशेवरों को नौकरी देने के खिलाफ हैं।

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