अब व्हाट्सएप पर मिलेंगी सभी EPFO सेवाएं, निष्क्रिय ईपीएफ खातों का होगा निपटान

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 74वें स्थापना दिवस पर रविवार को केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ करेंगे, जिससे करोड़ों सदस्यों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस समारोह के दौरान ₹एक हजार रुपये तक की शेष राशि वाले पात्र निष्क्रिय ईपीएफ खातों का स्वतः निपटान और वाट्सएप के माध्यम से ईपीएफओ सेवाएं जैसी प्रमुख डिजिटल सुविधाएं लॉन्च की जाएंगी।
इसके अलावा, वह कानूनी जागरुकता और संस्थागत सुधारों से जुड़ी कई विशेष पत्रिकाओं का विमोचन करेंगे और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रीय कार्यालयों, अंचलों तथा कर्मचारियों को ‘भविष्य निधि पुरस्कार 2026’ से सम्मानित करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान देश में सामाजिक सुरक्षा और ईपीएफओ के विस्तार के आंकड़े भी साझा किए जाएंगे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 के 19 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 68.4 प्रतिशत हो गया है, जिसके तहत अब एक अरब से अधिक लोग इस फ्रेमवर्क के दायरे में आ चुके हैं।
ईपीएफओ में योगदान देने वाले सदस्यों की संख्या में भी जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में जो सदस्य संख्या 3.49 करोड़ थी, वह बढ़कर सितंबर 2026 तक लगभग 7.98 करोड़ हो गई है। यानी इस अवधि में करीब 4.49 करोड़ नए सदस्य जुड़े हैं। इसके साथ ही, सितंबर 2026 तक देश भर में 7.68 लाख संस्थान ईपीएफओ में योगदान दे रहे हैं, जो श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक मजबूत संस्थागत आधार तैयार करता है।
यह स्थापना दिवस समारोह इस बात की पुष्टि करता है कि ईपीएफओ का सफर केवल संस्थागत विकास की कहानी नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता है कि एक श्रमिक के जीवन भर की मेहनत का फल उनके और उनके परिवार के लिए सुरक्षा, सम्मान और मानसिक शांति प्रदान करे। समारोह में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय न्यासी बोर्ड के सदस्य, नियोक्ता और श्रमिक प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।





