अंकुरण फाउंडेशन बना विकलांग बेटे का सहारा

सुलतानपुर,06 दिसम्बर (UjjawalPrabhat.Com)। जिनका कोई नहीं होता उनके लिए अंकुरण फाउंडेशन मददगार बन जाता है। जिला अस्पताल में रैन बसेरे में 70 साल की बूढ़ी महिला उर्मिला अपने विकलांग बेटे के साथ पिछले कई दिनों से रह रही थी, लेकिन पिछले सोमवार की शाम को उनकी मृत्यु हो गई। विकलांग बेटे की पूरी देखभाल माँ ही करती थी। माँ का साया हट जाने के बाद युवक की देखभाल करने वाला भी कोई नहीं बचा। विकलांग बेटे के पास माँ का अंतिम संस्कार करने की कोई भी व्यवस्था नहीं थी। जिस पर जिला अस्पताल के प्रमोद यादव, सत्यम दूबे, विनय जायसवाल आदि ने सक्रियता दिखाते हुए अंकुरण फाउंडेशन से संपर्क किया। फिर अंकुरण के सदस्यों के साथ मिलकर युवाओं ने अंतिम संस्कार प्रक्रिया को स्वयं आगे आकर सम्पन्न कराया। अंकुरण फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष आरिफ खान ने कहा कि विकलांग युवक के लिए जो भी बन पड़ेगा आगे संस्था द्वारा किया जायेगा। इस कार्य में आरिफ खान, जितेंद्र श्रीवास्तव, सत्यम मिश्रा, शोभित शुक्ला, प्रदीप, संतोष श्रीवास्तव, सत्यम, प्रमोद, जुम्मन, आज़ाद समेत आदि कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।
नीरज तिवारी





