सीएम योगी के बयान पर सोशल मीडिया में मचा हंगामा

बच्चों के पालन-पोषण पर सीएम ने अभिभावकों के खिलाफ दिया था विवादित बयान
कहा, ऐसा ही रहा तो लोग बच्चे पैदा करने के दो साल बाद सरकार के भरोसे छोड़ देंगे
सीएम के बयान की विपक्षी दलों की तरफ से की जा रही निंदा

लखफ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बच्चों के पालन पोषण संबंधी बयान पर सोशल मीडिया में जमकर हंगामा मचा हुआ है। यहां कोई मुख्मंत्री के बयान को शर्मनाक बता रहा है तो कोई बयान को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगाने में जुटा है। वहीं विपक्षी दल सरकार को साधने में जुट गये हैं। सपा, कांग्रेस और आप के नेताओं ने सीएम के बयान की निंदा की और सरकार पर अपनी जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाया है। 
दरअसल स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा था कि लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। हर बात के लिए सरकार को कोसना सही नहीं है। आखिर सरकार क्या-क्या करे, लोग भी तो अपना फर्ज समझें। कहीं ऐसा न हो कि बच्चे पैदा करने के दो साल बाद बच्चों को पालन पोषण के लिए सरकार के भरोसे छोड़ दें। सीएम का यह बयान सफाई व्यवस्था को लेकर था, जिसमें उन्होंने कहा था कि नगर पालिका और ग्राम पंचायतों के अलावा क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी नागरिकों की भी है। उन्होंने यह भी कहा था कि हमारी सरकार ने किसी धर्म और जाति के लिए काम नहीं किया है। गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए काम किया है। हर व्यक्ति के अंदर कोई न कोई क्षमता होती है, उसे पहचानने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री का बच्चों को लेकर दिया गया बयान असंवैधानिक, अभद्र और जनता का अपमान है। सीएम को पता होना चाहिए कि इस देश का बच्चा पैदा होने की पहली दवा की कीमत से लेकर बूढ़ा हो कर मरने के बाद कफन तक पर टैक्स देता है। नेता और अफसर इसी टैक्स के पैसे से चलते हैं, ना कि उनके पैसे से जनता। जनता ही नेताओं और सरकार की तमाम फिजूलखर्ची का भार उठाती है। इसलिए सीएम जनता पर ऐसी टिप्पणी न करें।
-वैभव माहेश्वरी, प्रवक्ता, आप

यह मुख्यमंत्री जी का बहुत ही गैर जिम्मेदाराना बयान है। जनता सरकार को इसलिए टैक्स देती है ताकि सरकारें उसे जन कल्याण की योजनाओं में खर्च करें। अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय सीएम का इस तरह का बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरह बेहद संवेदनशील मुद्ïदे पर विवादित बयान देकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने यह साबित कर दिया कि वह मुख्यमंत्री पद के योग्य नहीं हैं। 
-दीपक सिंह, एमएलसी, कांग्रेस

मुख्यमंत्री का यह बयान बिल्कुल संवेदनहीन है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लगातार मासूमों की मौत हो रही है, उस पर चिंता जताने के बजाय मुख्यमंत्री का विवादित बयान देना बेहद शर्मनाक है। जबकि सीएम खुद गोरखपुर से हैं। उन्हें समझना होगा कि यही स्थिति रही तो पूर्वांचल क्षेत्र में तो बहुत से बच्चे इलाज के अभाव में दो साल का होने से पहले ही दम तोड़़ देंगे। इसलिए सीएम भजन में ही बच्चों के लिए प्रार्थना किया करें।
-सुनील सिंह साजन, एमएलसी, सपा

Back to top button