साउथ इंडिया का कश्मीर है आंध्र प्रदेश का यह हिल स्टेशन

हम जब भी साउथ इंडिया में घूमने का मन बनाते हैं तो हमारा मकसद वहां के हरे-भरे जंगल, पहाड़ों, नदियों और झरनों का लुत्फ उठाना होता है। पर क्या हो अगर हम कहें कि इस बार दक्षिण भारत ठंड का मजा लेने के लिए जाया जाए। जी हां, दक्षिण भारत में ही एक ऐसी जगह है जो वहां का कश्मीर कहलाती है। यहां बात आंध्र प्रदेश के लांबासिंगी की हो रही है।
लांबासिंगी: दक्षिण भारत का कश्मीर
ठंडे और बर्फीले पहाड़ों का नाम सुनकर मन में गुलमर्ग, शिमला, मनाली और नैनीताल जैसी जगहें ही आती हैं। लेकिन आंध्र प्रदेश का लांबासिंगी भी इससे कम नहीं, तभी तो इसे दक्षिण भारत का कश्मीर नाम दिया गया है। जबकि यहां की स्थानीय भाषा में लांबासिंगी गांव को ‘कोर्रा बयालु’ भी कहा जाता है, जिसका मतलब है कि अगर कोई रात के समय बाहर सोता है तो वह लकड़ी की तरह जम सकता है।
यह जगह आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले की पूर्वी घाट की पहाड़ियों पर स्थित है। यह छोटा सा गांव कोंडा रेड्डी और खोंड जनजातियों का घर है जो काली मिर्च और कॉफी की बागवानी का काम करता है। इस क्षेत्र में बर्फबारी तो नहीं होती लेकिन ओस ही बर्फीले मौसम का एहसास कराती है।
लांबासिंगी में घूमने लायक जगहें
अगर आप लांबासिंगी घूमने का मन बना रहे हैं तो इन जगहों का रुख कर सकते हैं:
कोठापल्ली झरना
लांबासिंगी से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित कोठापल्ली झरना प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं। जिंदगी की भागदौड़ से दूर अगर आप सुकून चाहते हैं और वो रील का व्यू भी तो यहां जरूर जाएं।
लांबासिंगी व्यूप्वाइंट
सुबह के उगते हुए सूरज के नजारे के साथ ही खूबसूरत को बादलों को देखना का मन हो तो यह व्यूप्वाइंट बेस्ट है।
थाजांगी जलाशय
फोटोग्राफी लवर्स इस जगह को अनदेखा कर ही नहीं सकते, ऊंचे और गहने पहाड़, हरे-भरे जंगल और जलाशयों के नजारों के साथ ठंडी हवाएं ट्रिप का मजा डबल कर देंगी।
कॉफी और काली मिर्च के बागान
इतिहास में जिस मसाले के लिए इतनी लड़ाइयां हुईं उसके बागान एक बार तो देखना बनता है। वहीं, कॉफी के बागान भी कुछ कम सुंदर नहीं हैं।
लांबासिंगी जाने का सबसे सही समय
अगर दक्षिण भारत में ठंड का मजा लेना चाहते हैं तो यहां जाने का सबसे सही समय नवंबर से फरवरी के बीच है, जब उत्तर भारत में भयंकर ठंड पड़ती है।





