सर्दियों में जयपुर ये 7 जगहें देखने जरूर जाएं…

राजस्थान के चमचमाते शहर जयपुर जिसे pink city भी कहा जाता है को महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने स्थापित किया था। यहां के शानदार महल और विशाल किलों के जरिए यह शहर देशी हो या फिर विदेशी हजारों टूरिस्टों को अपनी तरपह आकर्षित करता है।सर्दियों में जयपुर ये 7 जगहें देखने जरूर जाएं...

जयपुर शाही राजपूत विरासत को टूरिस्टों के सामने प्रदर्शित करता है। यहां की एक और खास बात है कि यहां की मेहमाननवाजी और हस्तशिल्पों की हजारों दुकानें, इस जगह को टूरिस्टों के लिए और भी ज्यादा पसंदीदा जगह बनाती है। यहां आने वाले टूरिस्ट कई त्यौहारों को देख सकते हैं या उनमें भाग ले सकते हैं। जयपुर में होने वाले त्यौहारों में पारंपरिक तीज, गणगौर और काइट फेस्टीवल शामिल हैं।

गर्मियों में जयपुर का मौसम बहुत ज्यादा गर्म रहता है और यहां तापमान 45 डिग्री को भी पार कर जाता है इसलिए यहां घूमने आने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का होता है।

अगर आप सर्दियों में कहीं घूमने जाने का प्लान बना रही हैं तो जयपुर से अच्छा कोई और शहर आपके लिए नहीं हो सकता है। चलिए आपको बताते हैं जयपुर की उन 7 जगहों के बारे में जिन्हें देखने के लिए आप्को जयपुर जरूर जाना चाहिए।

इस महल में 1000 खिड़कियां हैं

जयपुर का हवा महल जिसका निर्माण महाराजा प्रताप सिंह ने करवाया था। यह महल जयपुर के साउथ में स्थित है और इस महल में 1000 छोटी खिड़कियां हैं जिस कारण ये एक छत्ते की तरह दिखता है। इस महल के गुलाबी और लाल पत्थरों का बाहरी हिस्सा सुबह की रोशनी में बहुत खूबसूरत दिखाई देता है। गर्मियों में भी इस महल में ठंडी हवाएं चलती हैं।

इस पैलेस को जय सिंह ने बनवाया था

सिटी पैलेस के अंदर दो और किले हैं और ये जयपुर के नॉर्थ में स्थित हैं। सिटी पैलेस राजाओं का तख्त रहा है। इसमें कई भवन, आंगन, मंदिर और बाग हैं। इसका निर्माण जय सिंह ने शुरु करवाया था। यहां चंद्र महल सिटी पैलेस का सबसे भीतरी किला है। इसका अपना एक संग्रहालय है और इसमें शाही परिवार के सदस्य रहते हैं।

यह मंदिर सिटी पैलेस के अंदर स्थित है

गोविंद देव जी मंदिर सिटी पैलेस के भीतर स्थित है। इस मंदिर की भगवान कृष्ण की मूर्ति के बारे में कहा जाता है कि यह मूर्ति भगवान कृष्ण के चेहरे की प्रतिकृति है और इसे वृंदावन से यहां लाकर जय सिंह द्वितीय ने पुनस्थापित किया था।

यह महल जयपुर की सागर झील के बीच में है

जल महल एक खूबसूरत वास्तुकला का नमूना है जो जयपुर शहर की सागर झील के बीच में मौजूद है। इन दोनों को 18वीं सदी में राजा जय सिंह ने पुनर्निर्मित करवाया था। इस महल की पहली मंजिल पर स्थित हॉल को बहुत अच्छी तरह से सजाया गया है लेकिन फिर भी इसके उपर स्थित चमेली बाग ज्यादा खूबसूरत है।

यह किला बलुवा पत्थरों से बना है
बलुवा पत्थरों से बना आमेर किले को महाराजा मान सिंह प्रथम ने बनवाया था। चार मंजिला इस किले में शाही विरासत का दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, शीश महल और सुख निवास जिसमें एयर कंडीशनर का प्रभाव देने के लिए एक सरल और प्राकृतिक जल प्रवाह भी बनाया गया है। इस किले में एक आपातकालीन रास्ता भी है जो हमलों के दौरान इसे जयगढ़ किले से जोड़ता है।

फेमस राज मंदिर सिनेमा को इसकी प्राचीन वास्तुकला के लिए जाना जाता है और यह सिनेमा जयपुर की शान बढ़ाता है। अगर आप जयपुर शहर पहली बार जाएं तो राज मंदिर सिनेमा जरूर जाएं क्योंकि ऐसा सिनेमा कहीं और आपको देखने को नहीं मिलेगा। इसके अंदर और बाहर दोनों ओर बारीक सजावट की गई है और यह सिनेमा हॉल बीते समय की याद दिलाता है। इसका हॉल बड़े-बड़े झूमरों की वजह से किसी महल का अहसास कराता है।

अरावली की पहाड़ियों पर बना है यह किला

अरावली की पहाड़ियों के किनारे पर स्थित नाहरगढ़ किले से जयपुर शहर का बेहद ही खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। नाहरगढ़ का मतलब होता है ‘शेरों का आवास’ और यह सचमुच राजस्थान की विरासत लगता है। महाराजा सवाई जय सिंह जिन्होंने जयपुर की स्थापना की थी उन्होंने इस किले का निर्माण करवाया था।

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